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गुजरात : क्लर्क ने पत्रकार को ‘खबर’ दी, गिरफ्तारी… फिर मौत

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अपने परिवार के साथ पत्रकार महेश लांगा (साभार - Linked IN)
अपने परिवार के साथ पत्रकार महेश लांगा, जिन्हें कथित तौर पर गोपनीय सूचना देने वाले की मौत हो गई (साभार - Linked IN)
नई दिल्ली|
गुजरात के एक सरकारी क्लर्क की मौत गिरफ्तारी के बाद अस्पताल में तबीयत बिगड़ने से हो गई है, आरोप है इन क्लर्क ने एक नामी पत्रकार को गोपनीय दस्तावेज दिए थे।
जिस पत्रकार को गोपनीय जानकारी देने का आरोप लगाया जा रहा है, उनकी ईडी ने फरवरी में गिरफ्तारी की थी।
दरअसल गुजरात मैरीटाइम बोर्ड के क्लर्क निशिध जानी को एक संवेदनशील दस्तावेज एक रिपोर्टर को देने के लिए गिरफ्तार किया गया, दो सप्ताह बाद उनकी मौत हो गई। 
बता दें कि निशिध जानी ने जिस पत्रकार को कथित तौर पर गोपनीय सूचना दी थी, वह पत्रकार महेश लंगा अंग्रेजी के एक प्रतिष्ठित अखबार ‘द हिन्दू’ के लिए गुजरात में बतौर वरिष्ठ संवाददाता काम करते हैं। इनकी बीती फरवरी में ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने गिरफ्तारी कर ली थी।
 
इंडियन एक्सप्रेस की खबर

इंडियन एक्सप्रेस की खबर

 

इंडियन एक्सप्रेस ने 30 सितंबर 2025 के संस्करण को इस अहम खबर छापा है जो हिन्दी पट्टी के पाठकों तक पहुंचनी चाहिए।
खबर के मुताबिक, क्लर्क निशिध जानी ने गुजरात के पत्रकार माहेश लंगा को कथित तौर पर संवेदनशील दस्तावेज दिए, 17 सितंबर को उनकी गिरफ्तार हुई। उनकी अस्पताल में मौत हो गई। 
रिपोर्ट में बताया गया कि निशिध जानी की मौत फेफड़ों से संबंधित बीमारी के कारण हुई, और उनकी गिरफ्तारी से पहले उनकी मेडिकल फिटनेस जाँची गई थी। यह घटना सरकारी कार्रवाइयों और पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सवाल उठाती है। 
बता दें कि गुजरात मैरीटाइम बोर्ड (GMB), गुजरात सरकार की एक एजेंसी है, जिसे 1982 में गुजरात के छोटे बंदरगाहों के प्रबंधन, संचालन और बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया था।
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(नोट – यह खबर कॉपी राइट एक्ट , 1957 के सेक्शन 52 के तहत फेयर डीलिंग के आधार पर की गई है, जिसमें अखबार को उचित श्रेय दिया गया है।)

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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