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रिपोर्टर की डायरी

बिहार : दुलारचंद यादव की हत्या में JDU प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह गिरफ्तार

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बाहुबली अनंत सिंह को दुलारचंद की हत्या के आरोप में पटना SSP की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
बाहुबली अनंत सिंह को दुलारचंद की हत्या के आरोप में पटना SSP की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
  • पुलिस ने जांच में पाया कि घटना के समय अनंत सिंह मौजूद थे, गाड़ी चढ़ाकर हत्या हुई।
  • पटना पुलिस ने शनिवार देर रात गिरफ्तारी की, रात दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी।
पटना | हमारे संवाददाता
आचार संहिता के बीच मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हुई दुलारचंद यादव की सनसनीखेज हत्या के मामले में बाहुबली नेता अनंत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी घटना के तीसरे दिन हुई है।
पुलिस ने अपनी जांच में माना कि घटना के समय अनंत सिंह मौजूद थे और उनके कहने पर ही दुलारचंद के ऊपर गोली चलाकर गाड़ी चढ़ा दी गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार की पार्टी JDU ने अनंत सिंह को मोकामा विधानसभा सीट से टिकट दिया है। अनंत सिंह ने गिरफ्तारी से पहले कहा कि अब मोकामा की जनता चुनाव लड़ेगी। 
इस घटना को NDA आपसी रंजिश में हुई घटना बता रही है जबकि विपक्षी दलों ने इसे ‘जंगल राज’ कहा है। बता दें कि इस क्षेत्र में आगामी 6 अक्तूबर को चुनाव होने हैं।
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने शनिवार-रविवार की रात दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बताया-
“बाढ़ ब्लॉक के तारतर गांव के पास 30 अक्तूबर को दो पक्षों के काफिले के बीच झड़प हुई थी। हमने गवाहों के बयान, वीडियो फुटेज और घटनास्थल की जांच से मिले सबूतों के आधार पर पाया है कि अनंत सिंह की मौजूदगी में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन हुआ।” 
पटना SSP कार्तिकेय के. शर्मा

पटना SSP कार्तिकेय के. शर्मा

 

अनंत सिंह समेत तीन गिरफ्तार, SP ग्रामीण हटाए गए
अनंत सिंह को मुख्य आरोपी मानते हुए बेढना गांव से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उनके दो सहयोगियों मनीकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी गिरफ्तार किया है। बता दें कि मोकामा में हुई हत्या के बाद चुनाव आयोग ने एसपी (ग्रामीण) विक्रम सिहाग को सस्पेंड कर दिया है और नए अधिकारी तैनात किए गए हैं।
अनंत सिंह के काफिले ने दुलारचंद पर चढ़ाई थी गाड़ी
घटना 30 अक्तूबर को मोकामा के बाढ़ ब्लॉक के तारतर गांव के पास घटी थी। जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी (उर्फ लल्लू मुखिया) के प्रचार काफिले के साथ 75 वर्षीय दुलारचंद यादव सवार थे।
दुलार चंद के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी गई, इससे मौके पर ही मौत हो गई थी।

दुलार चंद के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी गई, इससे मौके पर ही मौत हो गई थी।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस दौरान अनंत सिंह के काफिले में 40 से 50 गाड़ियां थी जिनका टकराव जनसुराज के प्रचार काफिले से हुआ।
जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के मुताबिक, अनंत सिंह के समर्थकों ने गाड़ियों को सड़क पर आड़ा-तिरछा खड़ा करके उनकी गाड़ियों को रोक दिया और हमलावर हो गए। इस झड़प में पथराव हुआ, फायरिंग की गई और गाड़ी का पहिया दुलारचंद के ऊपर चढ़ा दिया गया, जिससे मौके पर उनकी मौत हो गई। 
पोस्टमार्टम रिपोर्ट- फेफड़ा फटा, पसलियां टूटीं 
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में फेफड़े फटना और पसलियां टूटने से मौत होने की पुष्टि हुई है। इस आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि दुलारचंद के ऊपर अनंत सिंह के समर्थकों ने गाड़ी चढ़ाई थी। उनके पैरों पर टायर के निशान भी पाए गए थे। 
हिस्ट्रीशीटर दुलारचंद  लालू के करीबी, अनंत सिंह के राइट हैंड 
दुलारचंद पूर्व में आरजेडी से जुड़े कुख्यात अपराधी थे,  उन्हें अनंत सिंह का राइट हैंड भी कहा जाता था। अनंत सिंह के लिए स्थानीय समर्थन बढ़ाने और उनके पक्ष में मोकामा के टाल क्षेत्र का वोट डलवाने में वे मदद करते आ रहे थे।  लेकिन हाल ही में दुलारचंद ने जनसुराज के समर्थन में प्रचार शुरू कर दिया था। उन्होंने हाल में अनंत सिंह व उनकी पत्नी के खिलाफ कई बयान दिए जिससे दोनों के बीच कटुता बढ़ गई थी।  

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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बिहार : बिना हथकड़ी हिस्ट्रीशीटर को लग्जरी गाड़ी से कोर्ट ले गई मधेपुरा पुलिस, रील भी बनी

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मधेपुरा | रजनीश सिंह

बिहार के एक हिस्ट्रीशीटर को बिना हथकड़ी लगाए एक लग्जरी गाड़ी में कोर्ट ले जाने की रील बनाई गई और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराकर हिस्ट्रीशीटर का प्रचार किया गया। इस रील के वायरल होने के बाद मधेपुरा पुलिस के ऊपर हिस्ट्रीशीटर को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का गंभीर आरोप लगा। सोशल मीडिया पर पुलिस की आलोचना होने के बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए और अब कड़ा ऐक्शन हुआ है।

हिस्ट्रीशीटर अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव का वीडियो वायरल होने के बाद एक एसआई और दो चौकीदारों को सस्पेंड किया गया है। सस्पेंड होने वाले एसआई राम उदय कुमार और दो चौकीदार अनिल कुमार व मोहम्मद रसूल हैं। तीनों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि उन्होंने कुख्यात अपराधी को वीआईपी ट्रीटमेंट आखिर क्यों दिया?

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गोपालगंज : फाइलेरिया रोकने की दवा खाने के बाद स्कूली बच्चे बीमार

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  • गोपालगंज के हरखुआ माध्यमिक विद्यालय में 15 बच्चे बीमार पड़े।
  • 58 बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई, फिर तबीयत बिगड़ी।
  • सभी बच्चों को सदर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, सभी सुरक्षित।

गोपालगंज | आलोक कुमार 

बिहार के गोपालगंज में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाए जाने के बाद स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। स्कूल में अभिभावकों ने पहुंचकर हंगामा किया, हालांकि टीचरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस बीच हेडमास्टर ने एंबुलेंस बुलाकर 15 बीमार बच्चों को सदर अस्पताल में एडमिट कराया है। बता दें कि हाथी पांव या फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दो साल से बड़े बच्चों को यह दवा खिलाई जाती है, जो एकदम सुरक्षित है।

गोपालगंज में बच्चों की तबीयत खराब होने की घटना शहर के हरखुआ गांव के एक माध्यमिक विद्यालय में घटी। हेडमास्टर कृष्ण मुरारी पांडे ने बताया कि स्कूल में 27 फरवरी को 58 बच्चे मौजूद थे। सभी बच्चों ने मिड डे मील खाया। फिर दोपहर करीब 3:00 बजे आशा वर्करो  ने स्कूल आकर सभी 58 बच्चों को फाइलेरिया और एल्बेंडाजोल की गोलियां दीं।

प्रिंसिपल ने बताया कि दवा खाते ही कुछ बच्चों को अचानक नींद आने लगी और वे सोने लगे, जबकि कुछ को उल्टी हुई।

इस बारे में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में गैस बनने की शिकायत हो सकती है, जिससे उल्टी या पेट दर्द महसूस होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार डर के कारण भी बच्चों को ऐसी समस्या होती है, इसमें किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।

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शराब तस्करी में जेल गए आरोपी की मौत, परिवार बोला- हत्या हुई, जेल प्रशासन ने हार्टअटैक बताया

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परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
  • बक्सर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत होने से उठे सवाल।
  • शराब तस्करी के आरोप में जेल में 14 दिन से था बंदी।
  • जेल में अचानक हुई मौत को परिजनों ने बताया हत्या।

बक्सर | अमीषा कुमारी

बिहार में शराब तस्करी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत बक्सर सेंट्रल जेल में हो गई है। बीती 12 फरवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। परिजनों का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई, उसके शरीर पर लाल निशान हैं। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए सदर अस्पताल में हंगामा किया, तब मौके पर पुलिस पहुंची।अब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इस मामले में जेल प्रशासन ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।

दरअसल 40 साल के राजेंद्र सिंह को बक्सर पुलिस पकड़कर ले गई थी और 12 फरवरी को उसे जेल भेजा गया था। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के विराट नगर के रहने वाले थे।  मृतक के बड़े भाई राजू कुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार करने के दौरान ही पुलिस ने राजेंद्र के साथ मारपीट की थी, जबकि वह बीमार चल रहा था। राजू का आरोप है कि “जेल भेजने के बाद भी भाई को पीटा गया। शरीर पर मौजूद लाल निशान साफ बता रहे हैं कि उसकी हत्या हुई है।

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