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चुनावी डायरी

क्या बिहार छोड़ राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार? आज नामांकन की आखिरी ताऱीख, NDA ने बुलाई बैठक

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सम्राट चौधरी ने संकल्प पत्र घोषणा के बाद नीतीश कुमार के साथ खिंचवाए फोटो को फेसबुक पर शेयर किया है।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के दावों के बीच सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। (फाइल फोटो)
  • बिहार के मंत्री बोले- सीएम नीतीश कुमार ने बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लाने की अनुमति दी।

नई दिल्ली |

बिहार में होली के दिन एक बड़ा दावा सामने आया कि बिहार में दसवीं बार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा भेजे जा सकते हैं। दावा है कि भाजपा का कोई नेता बिहार का अगला मुख्यमंत्री बन सकता है और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम पद दिया जा सकता है। सूत्रों के हवाले से सामने आए इन दावों का एनडीए सहयोगी व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने खंडन किया है।

लोजपा(राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने साफ कहा है कि

“बिहार में हमारी डबल इंजन की सरकार अच्छा काम कर रही है और मुख्यमंत्री बदले जाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर बिहार का नेतृत्व करते रहेंगे।”

दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने के सवाल पर मीडिया से कहा कि होली पर ऐसे मजाक सामान्य हैं। उन्होंने कहा- “नीतीश कुमार जी ही हमारे मुख्यमंत्री हैं।”

जदयू नेता श्रवण कुमार के बयान से मिली दावों को हवा

दरअसल 3 मार्च को बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बयान दिया कि नीतीश कुमार ने अपने बेटे निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री के लिए मंजूरी दे दी है। जदयू के सीनियर नेता श्रवण कुमार के इस बयान से नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के दावों को हवा मिली।

श्रवण कुमार ने कहा था,

“होली से एक दिन पहले मैं बिहार के लोगों के साथ एक अच्छी खबर शेयर करना चाहता हूं, JD(U) के अंदर और राज्य के युवाओं के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत के राजनीति में आने की लंबे समय से मांग चल रही थी, अब रास्ता साफ हो गया है और एक-दो दिन में औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।”

आज नामांकन भर सकते हैं नीतीश कुमार

सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि 5 मार्च को नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन भर सकते हैं। बिहार में राज्यसभा के लिए पांच सीटें खाली हैं, जिसके लिए नामांकन की अंतिम तारीख 5 मार्च है। बीजेपी की ओर से दो राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवार (नितिन नवीन व शिवेन कुमार) घोषित किए गए हैं। जदयू को अन्य दो सीटों पर उम्मीदवार उतारने हैं और पांचवीं सीट पर NDA के तीसरे सहयोगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को उतारा जाना लगभग तय है।

पटना में NDA की अहम बैठक पर नजर

बिहार की सरकार में बड़े बदलाव को लेकर NDA सरकार के बड़े नेता भले इनकार कर रहे हों पर बृहस्पतिवार को पटना में NDA विधायकों की बैठक बुलाई गई है, जो बड़े बदलाव का संकेत दे रही है।

सीएम बदले तो कौन संभालेगा कमान?

बिहार में दस बार मुख्यमंत्री बन चुके नीतीश कुमार की सेहत को लेकर लगातार खबरें सामने आती रहती हैं। पिछले साल नवंबर में नई सरकार बनने के बाद सरकार चलाने में भाजपा का अपरहैंड साफ नजर आता है। ऐसे में माना जा रहा है कि संभावित नए सीएम की दौड़ में सबसे आगे डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी हैं। उनके बाद केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, विधायक संजीव चौरसिया और MLC जनक राम का नाम लिया जा रहा है।

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Breaking News : CM नीतीश कुमार का ऐलान- “राज्यसभा का सदस्य बनना चाहूंगा, बिहार में नई सरकार को समर्थन”

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अनाउंसर की ओर नीतीश कुमार को भाषण के लिए बुलाने का इशारा करते पीएम मोदी।
  • बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने ट्वीट करके राज्यसभा चुनाव के लिए दावेदारी का ऐलान किया।
नई दिल्ली|
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद ही ऐलान कर दिया है कि वे राज्यसभा जा रहे हैं। बिहार की राजनीति में इस घटना ने बड़ा उलटफेर कर दिया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने कहा है कि जो नई सरकार बनेगी उसको पूरा सहयोग व मार्गदर्शन करेंगे। बता दें कि राज्यसभा चुनाव के लिए आज नामांकन का आखिरी दिन है।
सीएम नीतीश कुमार का ट्वीट

सीएम नीतीश कुमार का ट्वीट

बिहार में दसवीं बार सीएम बने नीतीश कुमार की इस घोषणा ने उन संभावनाओं को सही साबित कर दिया है, जिसमेें कहा जा रहा था कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजकर बीजेपी अपने किसी नेता को बिहार का मुख्यमंत्री बनाएगी। हालांकि इस घोषणा के बाद जदयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी दिख रही है। उन्होंने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सीएम नीतीश कुमार के चेहरे पर ही जनता ने उन्हें वोट दिया है, ऐसे में हम किसी भी कीमत पर उन्हें दिल्ली नहीं जाने देंगे।
दूसरी ओर, नीतीश कुमार की घोषणा के बाद निशांत कुमार को बिहार की नई सरकार में कोई बड़ा पद दिए जाने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। बताया गया है कि सीएम नीतीश कुमार से बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने निशांत कुमार से मुलाकात करने पहुंचे हैं। ललन सिंह निशांत से आगे की योजना पर चर्चा कर रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि निशांत कुमार को जनता दल यूनाईटेड की कमान संभालेंगे। वहीं, उन्हें डिप्टी सीएम बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
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RJD में नए युग की शुरुआत: तेजस्वी यादव बनाए गए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष

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राजद का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के दौरान तेजस्वी यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव। (साभार - X/@RJDforIndia)
राजद का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के दौरान तेजस्वी यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव। (साभार - X/@RJDforIndia)
  • लालू यादव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे, आज जारी कार्यकारिणी बैठक में ऐलान हुआ।
पटना |
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में बड़ा बदलाव हुआ है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने अपने बेटे तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष (National Working President) बना दिया। रविवार को पटना के मौर्य होटल में जारी पार्टी की कार्यकारिणी बैठक में यह घोषणा हुई, जिसका अनुमान पहले से लगाया जा रहा था। राजद की ओर से ट्वीट करके इसकी जानकारी दी गई है, जिसमें पार्टी ने इसे नए युग का शुभारंभ बताया है।

लालू यादव के निर्देश पर आया प्रस्ताव

राजद की नई कार्यकारिणी की पहली राष्ट्रीय बैठक के दौरान रविवार को पार्टी के बिहार अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने इसका ऐलान किया। तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से जुड़ा प्रस्ताव लालू यादव के निर्देश पर राजद नेता भोला यादव ने रखा। इस प्रस्ताव का राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया और इस तरह आधिकारिक तौर पर लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव पार्टी में मुख्य भूमिका में आ गए हैं।

अब पार्टी में क्या होगी तेजस्वी की भूमिका

 तेजस्वी यादव अब पार्टी के दैनिक कार्यों, संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति की कमान संभालेंगे। हालांकि बिहार में राजद के कामकाज को काफी हद तक तेजस्वी यादव ही देख रहे थे पर अब उनकी भूमिका पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर फैसले लेने की होगी। इस घोषणा के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, मीसा भारती समेत पार्टी के सभी बड़े नेता मौजूद रहे। 
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प्रतिक्रियाएं – किसने क्या कहा ?

राजद बोली- एक नए दौर की शुरूआत

 “एक नए युग का शुभारंभ! श्री @yadavtejashwi जी बनाए गए राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष!”

रोहिणी आचार्य बोलीं- कटपुतली बना शहजादा

“सियासत के शिखर – पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप , ठकुरसुहाती करने वालों और ” गिरोह – ए – घुसपैठ ” को उनके हाथों की “कठपुतली बने शहजादा” की ताजपोशी मुबारक ..”

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने दी बधाई

“श्री तेजस्वी यादव जी को राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई!”
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RJD की राष्ट्रीय बैठक से ठीक पहले ‘एक्टिव’ हुए तेजस्वी यादव; कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के संकेत, बहन रोहिणी आचार्य ने फिर खोला मोर्चा

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लालू यादव के परिवार में तेजस्वी को पार्टी की सत्ता दिए जाने का बेटी रोहिणी आचार्य खुलकर विरोध कर रही हैं। (तस्वीर- सांकेतिक)
लालू यादव के परिवार में तेजस्वी को पार्टी की सत्ता दिए जाने का बेटी रोहिणी आचार्य खुलकर विरोध कर रही हैं। (तस्वीर- सांकेतिक)
  • राजद की नई कार्यकारिणी की पहली बैठक आज पटना के मौर्य होटल में हो रही।

नई दिल्ली|

बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद से लंबी चुप्पी साधे राजद नेता तेजस्वी यादव अपने पुराने तेवर में लौटे और राज्य में हो रही अपराध की घटनाओं पर सीधे पीएम मोदी से सवाल किया है। राजद कार्यालय में कर्पूरी ठाकुर की जयंती के मौके पर उन्होंने कहा कि बिहार में देश के गृह मंत्री और प्रधानमंत्री लगातार दौरा कर रहे थे पर नीट छात्रा के साथ हुए अपराध पर उनके एक ट्वीट तक नहीं हुआ। तेजस्वी यादव ने यह भी घोषणा की कि बजट सेशन के बाद वे हर जिले का दौरा करके जनता व पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे।

गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के जरिए राज्य में एक्टिव हैं, और तेजस्वी की चुप्पी के चलते राजद पर सक्रियता से जुड़े सवाल उठने लगे हैं। साथ ही, तेजस्वी ने अपने तीखे तेवर राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के ठीक एक दिन पहले दिया। माना जा रहा है कि इस बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। हालांकि इस सुगबुगाहट के बीच उनकी बड़ी बहन रोहिणी आचार्य ने फिर से ट्वीट करके अपनी नाराजगी जता दी है।

नई कार्यकारिणी 6 माह पहले बनी, अब हो रही पहली बैठक

तेजस्वी यादव लगातार कहते आ रहे हैं कि बिहार के चुनाव में लोक हार गया और तंत्र की जीत हो गई, यही बात उन्होंने 24 जनवरी को भी दोहराई। मगर बात अगर पार्टी के अंदर के लोकतंत्र की करें तो हाल इतना खराब है कि पार्टी की नई कार्यकारिणी छह महीने पहले गठित (5 जुलाई, 2025) हो चुकी है मगर उसकी पहली बैठक अब होने जा रही है। इसको लेकर राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन का तर्क है कि कार्यकारिणी बनने के बाद विधानसभा चुनाव होने के चलते पार्टी की कोई बड़ी बैठक नहीं हो पाई थी इसलिए नए साल में 25 जनवरी को पार्टी की कार्यकारिणी की पहली बैठक होगी।

एजेंडा – चुनावी हार की समीक्षा होगी

पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय बैठक में सभी प्रमुख राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी, साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी की करारी हार के कारणों और आगे की रणनीति पर भी मंथन होगा।

  • राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 85 सदस्य शामिल होंगे।
  • सभी राज्यों के राजद के प्रदेश अध्यक्ष मौजूद रहेंगे
  • सभी विधायक, सांसद, राज्यसभा सांसद एवं विधान पार्षद शामिल होंगे।
  • राजद के विशेष आमंत्रित सदस्य व 200 बड़े नेता शामिल होंगे।

साल 2028 तक राजद के अध्यक्ष रहेंगे लालू यादव

बीते साल 5 जुलाई में राजद के राष्ट्रीय परिषद का खुला अधिवेशन हुआ था, तब मांग उठी थी कि तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया जाए क्योंकि लालू यादव की तबीयत खराब रहने लगी है। हालांकि इन मांगों को दरकिनार करके लालू यादव ने अगले तीन साल (2025-28) के लिए पार्टी के अध्यक्ष पद को अपने पास ही रखा और कार्यकारी अध्यक्ष किसी को नहीं बनाया। हालांकि तब उन्होंने तेजस्वी यादव के काम की तारीफ करके यह संकेत दे दिए थे कि बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट बांटने की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी।

तेजस्वी को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के संकेत

नई कार्यकारिणी की पहली बैठक से ठीक पहले तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के संकेत मिलने लगे हैं। तेजस्वी भी दोबारा एक्टिव हो गए हैं। हालांकि इस मामले में आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा है कि तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर अभी कोई राजनीतिक प्रस्ताव नहीं आया है। रविवार को होने वाली बैठक में कोई इस तरह का प्रस्ताव आएगा तो उसपर विचार किया जा सकता है।

‘परिवार-पार्टी के बीच समन्वय के लिए लालू जरूरी’ – विशेषज्ञ

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि जिस तरह लालू यादव के परिवार में बिखराव है, ऐसे में पार्टी का पूरा नियंत्रण वे तेजस्वी यादव को नहीं देना चाहते। लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप पहले ही पार्टी से निष्कासित हैं और नई राजनीतिक पार्टी बनाकर चुनाव भी लड़ चुके हैं। दूसरी ओर, लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य लगातार तेजस्वी यादव के खिलाफ बयान देती आ रही हैं। ऐसे में लालू यादव का पार्टी की धुरी बने रहना समय की जरूरत है।

इतिहास – लालू को कभी रास नहीं आया कार्यकारी अध्यक्ष

पार्टी के इतिहास की बात करें तो राजद के अस्तित्व में आने के ठीक बाद एक मौका आया जब लालू यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाना पड़ा। 1997 में बिहार में लालू यादव के नेतृत्व में जनता दल की सरकार थी। तब चारा घोटाले में लालू का नाम आने के बाद सरकार और संगठन की कमान छोड़ने का दबाव उनपर बना। तब लालू ने जनता दल से अलग होकर ‘राष्ट्रीय जनता दल’ (RJD) बनाया और पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बना दिया। साथ ही, अपने करीबी रंजन यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। पर कुछ ही दिन के बाद रंजन यादव पर राबड़ी देवी को सत्ता से हटाने की रणनीति बनाने के आरोप लगे, इसकी भनक लगते ही लालू ने उनके अधिकार वापस ले लिए।

‘लालूवाद को नष्ट-करने वालो के हाथ में पार्टी की असली कमान’

रविवार को होने जा रही पार्टी की नई कार्यकारिणी की पहली बैठक से ठीक पहले लालू यादव की दूसरे नंबर की बेटी रोहिणी आचार्य ने ट्वीट करके तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों के ऊपर वार किया है। रविवार सुबह आए उनके लंबे ट्वीट में कहा गया है कि पार्टी को ‘तहस-नहस’ करने वालो के हाथ में इसकी असली कमान है और ये लोग पार्टी को नष्ट करने के ‘टास्क’ में काफी हद तक सफल हो चुके हैं। गौरतलब है कि नवंबर में रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया था कि उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें उनके भाई व उनके दो दोस्तों ने मिलकर घर से निकाल दिया था।

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