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रिपोर्टर की डायरी

बांका में पुलिस लाइन का खाना बना जहर! 100 से अधिक जवान अचानक पड़े बीमार

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बांका | दीपक कुमार

बिहार के बांका जिला से शुक्रवार को एक बेहद चौंकाने वाली और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ पुलिस लाइन में परोसा गया खाना जवानों के लिए मानो जहर साबित हो गया।

जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन मेस में दोपहर के भोजन के रूप में जवानों को फ्राइड राइस और चना छोला परोसा गया था। ड्यूटी से लौटे जवानों ने जैसे ही यह खाना खाया, कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

देखते ही देखते 100 से अधिक पुलिस जवानों को पेट दर्द, उल्टी, जी मिचलाने और दस्त जैसी गंभीर शिकायतें होने लगीं। हालात इतने बिगड़ गए कि पूरे पुलिस लाइन परिसर में अफरा-तफरी मच गई और एम्बुलेंस के सायरन लगातार गूंजने लगे।

बीमार पड़े सभी जवानों को तुरंत इलाज के लिए बांका सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से अस्पताल में भी हड़कंप मच गया और बेड कम पड़ गए। इसके बाद आनन-फानन में अतिरिक्त बेड और डॉक्टरों की व्यवस्था की गई।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल सभी जवानों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है, उन्हें सलाइन चढ़ाया जा रहा है और डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

इस घटना के बाद पुलिस लाइन मेस में परोसे जाने वाले भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जवानों के बीच भी इस लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं। परोसे गए भोजन के सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि आखिर जवानों की तबीयत बिगड़ने की असली वजह क्या थी।

अधिकारियों ने साफ कहा है कि यदि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यही है कि देश की सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहने वाले जवानों के स्वास्थ्य के साथ इतनी बड़ी लापरवाही आखिर कैसे हो गई?

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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