रिपोर्टर की डायरी
रोहतास (बिहार): DFO बोले- नीलगायों से फसल बचाने के लिए शूटर मिलेंगे; पर 3 साल पुराना नियम सिर्फ कागजी
- रोहतास जिले में नीलगायों के चलते फसल बर्बाब हो रही।
- किसानों को अब तक नहीं मिला सुरक्षा के कानून का लाभ।
- डीएफओ बोले- परमीशन के बाद ‘शूट’ की जा सकती हैं।
सासाराम | अविनाश श्रीवास्तव
जिला वन पदाधिकारी स्टालिन फीडल कुमार ने बताया कि सरकार ने 2022 में ही वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम के तहत नुकसान पहुंचाने वाली नीलगायों की हत्या के लिए पंचायत मुखिया को अधिकृत कर दिया है।
इसमें नियम है कि नीलगाय को मारने का काम केवल वन विभाग की ओर से लिस्टेड शूटर ही करेंगे। शूटरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि अन्य जानवरों या लोगों को कोई नुकसान न पहुंचे।
DFO ने कहा- बिना अनुमति या गाइडलाइन के नीलगाय मारने पर वन्य जीव सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
वन पदाधिकारी का यह भी कहना है कि जंगली जानवरों से फसल क्षति के लिए मुआवजे का प्रावधान है। किसान नजदीकी रेंज ऑफिस में सूचना देंगे। वन विभाग की टीम राजस्व अधिकारी के साथ मिलकर नुकसान का आकलन करेगी और रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।

