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रिपोर्टर की डायरी

Gen-Z प्रदर्शन: रक्सौल सीमा से जानिए नेपाल का हाल, पीएम ने इस्तीफा दिया

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  • भीषण प्रदर्शन के बीच पीएम केपी ओली का इस्तीफा, मधेश प्रांत के सीएम भी हटे
  • भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ाई, पड़ोसी बीरपुर शहर  में छिपने आए मंत्री को पीटा
  • सोशल मीडिया प्लेटफार्म को बैन करने से शुरू हुआ आंदोलन राजशाही की मांग पर पहुंचा
  • दूसरे दिन भी पुलिस की प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी, अब तक 67 युवाओं की मौत की पुष्टि

रक्सौल (पूर्वी चंपारण) | राजेश कुमार

नेपाल में सोशल मीडिया पर सरकार के प्रतिबंध से गुस्साए युवाओं के प्रदर्शन के बाद केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है और अब तक कम से कम 21 युवाओं की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। साथ ही अनाधिकृत रूप से जानकारी मिल रही है कि मंगलवार तक 67 युवाओं की मौत हुई है, जिनकी उम्र 19 से 28 साल के बीच है। कम उम्र के युवाओं के इस प्रदर्शन को जेनरेशन-ज़ेड (Gen-Z) प्रदर्शन कहा जा रहा है। इस प्रदर्शन का असर नेपाल-भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे रक्सौल शहर (पूर्वी चंपारण) से महसूस किया जा सकता है, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच सन्नाटा परसा है। नेपाल का हाल रक्सौल से बता रहे हैं हमारे सहयोगी राजेश कुमार …

रक्सौल में नेपाल से लगती सीमा पर बैरिकेडिंग।

रक्सौल में नेपाल से लगती सीमा पर बैरिकेडिंग।

पीएम का इस्तीफा, राजशाही की मांग

गौरतलब है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के निपटने के लिए सोमवार को ही सेना तैनात कर दी थी और काठमांडू समेत कई शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे हुए हैं, प्रदर्शनकारियों ने संसद समेत सभी बड़े सरकारी कार्यालय व नेताओं के आवास चला दिए।

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (फाइल फोटो)

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (फाइल फोटो)

लगातार बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए कुछ देर पहले ही प्रधानमंत्री केपी ओली ने इस्तीफा दे दिया है। कहा जा रहा है कि केपी ओली को सेना ने किसी सुरक्षित स्थान पर ले गए हैं। अब प्रदर्शनकारियों के बीच राजशाही पुन: स्थापित करने की मांग जोर पकड़ रही है। जबकि प्रदर्शन के पहले दिन सोशल मीडिया बैन हटाना, राजनीति में भ्रष्टाचार, नेताओं के बच्चों के ऐश-ओर-आराम (वंशवार/ nepotism) का मुद्दा प्रमुख था।

 

भारत-नेपाल सीमा पर सन्नाटा, सीमावर्ती इलाके सील  

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल शहर से नेपाल के बीरगंज शहर को जोड़ने वाला मैत्री पुल सुनसान है, जबकि सामान्य दिनों में इससे हजारों वाहन व पैदल यात्री दोनों देश आते-जाते हैं। ‘नेपाल का प्रवेश’ द्वार कहे जाने वाले बीरपुर (मधेश प्रांत) से राजधानी काठमांडू की दूरी 138 किलोमीटर है। नेपाल के अन्य छह प्रांत की तरह यहां भी कर्फ्यू लागू है और उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं।
कर्फ्यू के बीच मैत्री पुल पर चलते इक्का-दुक्का लोग।

कर्फ्यू के बीच मैत्री पुल पर चलते इक्का-दुक्का लोग।

बीरपुर शहर नेपाल के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत से होने वाला अधिकांश व्यापार और आवागमन यही से होता है। भारत से पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए भी यात्री यही से जाते है। फिलहाल पुल पर बैरिकेडिंग है और चार पहिया वाहनों को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। खेतों के पास बने कच्चे रास्ते पैदल चलकर लोग इधर से उधर आ-जा रहे हैं। 

मधेश के सीएम का भी इस्तीफा, मंत्री को सड़क पर पीटा
रक्सौल से लगता बीरपुर शहर जिस राज्य (प्रांत) में स्थित है, वहां के मुख्यमंत्री ने भी मंगलवार दोपहर दो बजे के करीब इस्तीफा दे दिया। साथ ही, बीरपुर जिले में छुपकर आए एक मंत्री की गाड़ी को सड़क पर आम लोगों ने घेर लिया और मंत्री की पिटाई की गई है। बता दें कि नेपाल में 2015 में संविधान लागू होने के बाद सात प्रांत बनाए गए जिसमें एक मधेश क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे छोटा व सबसे घनी आबादी वाला है, यहां मैथली बोली जाती है।

सोशल मीडिया बैन हटने पर भी प्रदर्शन नहीं थमा

नेपाल में सोमवार को शुरू हुए स्व-स्फूर्ति प्रदर्शन में रात तक 19 युवाओं की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी। प्रदर्शनकारियों ने संसद के दरवाजे में आग लगाने की कोशिश की, शाम होते-होते पीएम, राष्ट्रपति व अन्य की सुरक्षा बढ़ा दी गई और कर्फ्यू लागू कर दिया गया। सरकार ने दवाब में आकर 21 सोशल मीडिया प्लेटफार्म से बैन हटा लिया और गृहमंत्री ने भी इस्तीफा दे दिया पर प्रदर्शन नहीं थमा।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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बिहार : बिना हथकड़ी हिस्ट्रीशीटर को लग्जरी गाड़ी से कोर्ट ले गई मधेपुरा पुलिस, रील भी बनी

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मधेपुरा | रजनीश सिंह

बिहार के एक हिस्ट्रीशीटर को बिना हथकड़ी लगाए एक लग्जरी गाड़ी में कोर्ट ले जाने की रील बनाई गई और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराकर हिस्ट्रीशीटर का प्रचार किया गया। इस रील के वायरल होने के बाद मधेपुरा पुलिस के ऊपर हिस्ट्रीशीटर को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का गंभीर आरोप लगा। सोशल मीडिया पर पुलिस की आलोचना होने के बाद एसपी ने जांच के आदेश दिए और अब कड़ा ऐक्शन हुआ है।

हिस्ट्रीशीटर अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव का वीडियो वायरल होने के बाद एक एसआई और दो चौकीदारों को सस्पेंड किया गया है। सस्पेंड होने वाले एसआई राम उदय कुमार और दो चौकीदार अनिल कुमार व मोहम्मद रसूल हैं। तीनों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि उन्होंने कुख्यात अपराधी को वीआईपी ट्रीटमेंट आखिर क्यों दिया?

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गोपालगंज : फाइलेरिया रोकने की दवा खाने के बाद स्कूली बच्चे बीमार

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  • गोपालगंज के हरखुआ माध्यमिक विद्यालय में 15 बच्चे बीमार पड़े।
  • 58 बच्चों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई, फिर तबीयत बिगड़ी।
  • सभी बच्चों को सदर अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, सभी सुरक्षित।

गोपालगंज | आलोक कुमार 

बिहार के गोपालगंज में फाइलेरिया रोधी दवा खिलाए जाने के बाद स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से हड़कंप मच गया। स्कूल में अभिभावकों ने पहुंचकर हंगामा किया, हालांकि टीचरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस बीच हेडमास्टर ने एंबुलेंस बुलाकर 15 बीमार बच्चों को सदर अस्पताल में एडमिट कराया है। बता दें कि हाथी पांव या फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दो साल से बड़े बच्चों को यह दवा खिलाई जाती है, जो एकदम सुरक्षित है।

गोपालगंज में बच्चों की तबीयत खराब होने की घटना शहर के हरखुआ गांव के एक माध्यमिक विद्यालय में घटी। हेडमास्टर कृष्ण मुरारी पांडे ने बताया कि स्कूल में 27 फरवरी को 58 बच्चे मौजूद थे। सभी बच्चों ने मिड डे मील खाया। फिर दोपहर करीब 3:00 बजे आशा वर्करो  ने स्कूल आकर सभी 58 बच्चों को फाइलेरिया और एल्बेंडाजोल की गोलियां दीं।

प्रिंसिपल ने बताया कि दवा खाते ही कुछ बच्चों को अचानक नींद आने लगी और वे सोने लगे, जबकि कुछ को उल्टी हुई।

इस बारे में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के बाद कुछ बच्चों में गैस बनने की शिकायत हो सकती है, जिससे उल्टी या पेट दर्द महसूस होता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई बार डर के कारण भी बच्चों को ऐसी समस्या होती है, इसमें किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।

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शराब तस्करी में जेल गए आरोपी की मौत, परिवार बोला- हत्या हुई, जेल प्रशासन ने हार्टअटैक बताया

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परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
परिजनों को बंदी की तबीयत खराब बताई गई, जब वे अस्पताल पहुंचे तो शव देखकर हंगामा किया। (तस्वीर - बक्सर संवाददाता)
  • बक्सर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत होने से उठे सवाल।
  • शराब तस्करी के आरोप में जेल में 14 दिन से था बंदी।
  • जेल में अचानक हुई मौत को परिजनों ने बताया हत्या।

बक्सर | अमीषा कुमारी

बिहार में शराब तस्करी के आरोप में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत बक्सर सेंट्रल जेल में हो गई है। बीती 12 फरवरी को उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। परिजनों का आरोप है कि जेल में उसके साथ मारपीट हुई, उसके शरीर पर लाल निशान हैं। परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए सदर अस्पताल में हंगामा किया, तब मौके पर पुलिस पहुंची।अब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इस मामले में जेल प्रशासन ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है।

दरअसल 40 साल के राजेंद्र सिंह को बक्सर पुलिस पकड़कर ले गई थी और 12 फरवरी को उसे जेल भेजा गया था। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के विराट नगर के रहने वाले थे।  मृतक के बड़े भाई राजू कुमार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार करने के दौरान ही पुलिस ने राजेंद्र के साथ मारपीट की थी, जबकि वह बीमार चल रहा था। राजू का आरोप है कि “जेल भेजने के बाद भी भाई को पीटा गया। शरीर पर मौजूद लाल निशान साफ बता रहे हैं कि उसकी हत्या हुई है।

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