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अब मेक्सिको में सड़कों पर उतरे Zen-G, 120 से ज़्यादा लोग घायल

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मैक्सिको में युवाओं के प्रदर्शन को बड़ी उम्र के नागरिकों का भी सहयोग मिला। (इनसेट में राष्ट्रपति)
मैक्सिको में युवाओं के प्रदर्शन को बड़ी उम्र के नागरिकों का भी सहयोग मिला। (इनसेट में राष्ट्रपति)

नई दिल्ली |

नेपाल से शुरू हुए जेनरेशन ज़ेड (Gen Z Protest) प्रदर्शन का लगातार पूरी दुनिया में विस्तार होता जा रहा है। अब मेक्सिको में किशोर व युवाओं ने सड़कों का रुख किया है, बीते शनिवार को हुए प्रदर्शन में हिंसा भड़क गई और 120 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।

खास बात यह है कि इस प्रदर्शन को मैक्सिको में बड़ी उम्र के लोगों ने समर्थन दिया है।

मेक्सिको की पहली महिला राष्ट्रपति इस प्रदर्शन में ‘दक्षिणपंथी ताकतों’ का हाथ बता चुकी हैं। जबकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश में लगातार बढ़ रहीं हत्याओं के चलते वे ज्यादा सुरक्षित वातावरण की मांग को लेकर इकट्ठे हुए हैं।

बता दें कि साल 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए लोगों के समूह को Gen-Z कहा जाता है जो मिलेनियल्स के बाद और जेन अल्फा से पहले आते हैं।

 

राजधानी की सड़कों पर निकले हजारों युवा

मेक्सिको सिटी (Mexico City) और देश के कई शहरों में शनिवार को हजारों युवाओं ने बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और नशीली दवाओं के इस्तेमाल के खिलाफ प्रदर्शन किया।

यह प्रदर्शन तिजुआना से लेकर ओक्साका तक हुआ। इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कई युवाओं ने ‘वन पीस समुद्री डाकू झंडा’ भी हाथ में पकड़ रखा था, जो इस युवा आंदोलन (Zen-G प्रदर्शन) का प्रतीक बन गया है।

 

राष्ट्रपति की लोकप्रियता कायम पर गुस्सा भी पनपा 

पिछले साल अक्टूबर में शासन संभालने के बाद राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम (Claudia Sheinbaum Pardo) की लोकप्रियता 70% से ज़्यादा है। वे यहां की पहली महिला व पहली यहूदी राष्ट्रपति बनी हैं।

लेकिन हाल की कई हत्याओं के बाद उनकी सुरक्षा नीति पर सवाल उठ रहे हैं।

बीते एक नवंबर को मेयर की हत्या के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा है क्योंकि मेयर ने नशीले पदार्थों की तस्करी के विरोध में अभियान चलाया था।

 

राष्ट्रपति आवास के पास पहुंचे, टीयर गैस छोड़ी

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के निवास वाले नेशनल पैलेस के बाहर लगी धातु की बाड़ें गिरा दीं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आँसू गैस का इस्तेमाल किया। कई युवाओं ने पुलिस से कहा, “कार्लोस मंज़ो (मृतक मेयर) की भी ऐसी ही सुरक्षा होनी चाहिए थी।”

प्रदर्शनों से पहले राष्ट्रपति शिनबाम ने आरोप लगाया था-

“दक्षिणपंथी पार्टियां इस जेन ज़ेड आंदोलन में घुसपैठ कर रही हैं और सोशल मीडिया के जरिए भावनाएं भड़का रही हैं। यह विदेश से चलाया जा रहा आंदोलन है।”

 

शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हिंसा भड़की

मेक्सिको सिटी के ज़ोकलो प्लाज़ा में शुरुआत शांतिपूर्ण रही, लेकिन बाद में माहौल बिगड़ गया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, कुछ नकाबपोश लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिसके बाद पुलिस ने भी ढाल, डंडों और अग्निशामक यंत्रों से जवाब दिया।

 

100 पुलिसकर्मी और 20 प्रदर्शनकारी घायल

शहर के सुरक्षा प्रमुख पाब्लो वाज़क्वेज़ ने मीडिया को बताया कि 100 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जिनमें 40 को अस्पताल ले जाना पड़ा। वहीं, 20 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए।

मेक्सिको के दूसरे सबसे बड़े शहर ग्वाडलहारा में पुलिस ने 47 लोगों को हिरासत में लिया और 13 लोग घायल हुए।

 

मीडिया पर कवरेज न करने का दवाब

प्रदर्शन कवरेज करने वाली मीडिया ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन पर कार्रवाई का दवाब बनाया है। स्थानीय ला जोर्नाडा अखबार के फोटोग्राफ़र विक्टर कैमाचो के हवाले से स्थानीय मीडिया ने लिखा है कि रिपोर्टिंग के दौरान पुलिस ने उन पर हमला किया और जान से मारने की धमकी दी।

 

 

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