दुनिया गोल
हमास सभी इजरायली बंधक छोड़ने पर राज़ी, ट्रंप ने कहा- अब गज़ा बमबारी बंद हो
- डोनाल्ड ट्रंप से गज़ा शांति प्रस्ताव पर आंशिक रूप से राजी हुआ हमास, शुक्रवार देर रात जारी किया बयान।
- फलस्तीनी कैदियों के बदले इजरायली बंधकों को छोड़ने पर राजी हुआ, पर हथियार छोड़ने की शर्त नहीं मानी।
- शांति प्रस्ताव की बाकी शर्तों पर बात करना चाहता है हमास, आज ट्रंप इस पर बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे।
नई दिल्ली |
ट्रंप ने गज़ा शांति योजना पर हमास को रविवार शाम तक का समय दिया था और अंतराष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक शुक्रवार रात को हमास इस पर आंशिक रूप से राजी हो गया है।
इसकी प्रतिक्रिया में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करके इजरायल से गजा में तुरंत बमबारी रोकने को कहा है। ट्रंप ने हमास के बयान को शेयर किया और दावा किया कि वह गज़ा शांति के लिए तैयार है।
साथ ही हमास ने अपने बयान में कहा है कि “वह गज़ा पट्टी के प्रशासन को एक स्वतंत्र फलस्तीनी निकाय को सौंपने के लिए तैयार है, जो फलस्तीनी राष्ट्रीय सहमति पर आधारित होगा और अरब व इस्लामिक समर्थन से मजबूत होगा।”
इसके आठ घंटों के बाद शनिवार सुबह इजरायली मीडिया ने रिपोर्ट किया है कि पीएन बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप शांति योजना के पहले चरण की तैयारी शुरू कर दी है।
4 अक्तूबर तक गज़ा में इजरायली हमलों के चलते आधिकारिक रूप से कुल 66,300 लोगों की मौत हो चुकी है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
हमास के इस कदम को मध्य-पूर्व में शांति की एक नई किरण के तौर पर देखा जा रहा है। भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप की लीडरशिप में गज़ा शांति के लिए हुई इस प्रगति का स्वागत ट्वीट करके किया है। दूसरी ओर, कतर व अन्य देशों ने भी इस कदम का स्वागत किया है।

पीएम मोदी का ट्वीट (screen grab – @narendramodi)
हथियार छोड़ने को राजी नहीं, बाकी शर्तों पर मोलभाव करेगा हमास
कतर से संचालित मीडिया ‘अलज़जीरा’ के मुताबिक, हमास ने सभी इजरायली बंधकों की रिहाई पर सहमति जताई है।
ब्रिटिश मीडिया ‘द गार्जियन’ के मुताबिक, हमास ने 20 बंधकों की रिहाई पर सहमति जतायी है जिसमें मृत बंधकों के शव वापस किए जाएंगे। पर शांति प्रस्ताव की उस शर्त पर हमास राजी नहीं हुआ जिसमें गजा से हटने और हथियार छोड़ने को कहा गया है।

हमास का आधिकारिक झंडा (फोटो इंटरनेट)
साथ ही हमास ने शर्त रखी है कि बंधकों की रिहाई के लिए इजरायल से बमबारी बंद की जाए और फलस्तीनी कैदियों की रिहाई की गारंटी मिले।
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लाइव अपडेट
- हमास ने 3 अक्टूबर 2025 को घोषणा की कि वह सभी जीवित और मृत इजरायली बंधकों को रिहा करने के लिए तैयार है, जैसा कि ट्रंप के 20-सूत्री शांति प्रस्ताव में कहा गया ।
- ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, “इजरायल को गजा बमबारी तुरंत रोकनी चाहिए ताकि बंधकों की सुरक्षित रिहाई हो सके। हम शांति के करीब हैं।”
- इजरायली PM नेतन्याहू ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन सैन्य कार्रवाई जारी है, जिससे तनाव बना हुआ है।
- गजा से रिपोर्ट्स में कहा गया कि शुक्रवार को नागरिक इलाकों में बमबारी से 10 लोग मारे गए, UN ने मानवाधिकार उल्लंघन की चेतावनी दी।
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Time line – कैसे राजी हुआ हमास
- 2 अक्तूबर : ट्रंप और नेतन्याहू ने अमेरिका में संयुक्त रूप से 20-सूत्री शांति प्रस्ताव पेश किया। जिसके तहर 72 घंटे में हमास को 20 बंधकों की रिहाई करनी है और जिसके बदले इजरायल फलस्तीनी कैदियों की अदला-बदली करेगा।
- 3 अक्तूबर: द गार्जियन के मुताबिक, हमास ने प्रस्ताव पर सकारात्मक जवाब दिया, लेकिन हथियार डालने और गजा शासन से हटने से इनकार किया।
- 4 अक्तूबर: अलज़जीरा के मुताबिक, ट्रंप ने इजरायल पर दबाव बढ़ाया, लेकिन नेतन्याहू ने फलस्तीनी राज्य के खिलाफ रुख दोहराया, जिससे अनिश्चितता बनी रही ।
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आगे क्या : ट्रंप आज नेतन्याहू से बात करेंगे
शनिवार की शाम 3 बजे तक बजे ट्रंप और नेतन्याहू के बीच बातचीत की उम्मीद है, जिसका नतीजा यह तय करेगा कि शांति वार्ता पर वह आगे बढ़ेगा या नहीं।
बता दें कि पिछले नवंबर में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने गज़ा में युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके पूर्व रक्षा मंत्री योव गल्लांट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
इजरायल को अपने इस क्षेत्र पर युद्ध के लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में नरसंहार के मामले का भी सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, मानवाधिकार उच्चायुक्त ने गजा में नागरिक हताहतों पर चिंता जताई और तत्काल युद्धविराम की मांग की है। यूरोपीय संघ ने ट्रंप के प्रयासों का स्वागत किया, लेकिन इजरायल से संयम बरतने को कहा।
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क्या ट्रंप का शांति प्रस्ताव वाकई गज़ा में शांति लाएगा – इस मामले को विस्तार से समझने के लिए इस लिंक के जरिए पूरा विश्लेषण पढ़ें।
दुनिया गोल
Saudi Aramco : सऊदी स्थित मध्यपूर्व की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर हमला
नई दिल्ली | मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco की प्रमुख ऊर्जा साइट रास तनुरा रिफाइनरी (Ras Tanura refinery) पर ईरान ने ड्रोन हमला किया है।
रॉयटर्स ने सोर्स के हवाले से खबर दी है कि इस हमले के बाद इस रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इस घटना के बाद वैश्विक तेल बाजार में तेज हलचल देखी गई और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 9.32% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बता दें कि सऊदी अरामको, सऊदी सरकार के स्वामित्व वाली पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस कंपनी है जो सऊदी अरब की राष्ट्रीय तेल कंपनी है। इसकी रस तनूरा कॉम्प्लेक्स नामक रिफाइनरी मध्य पूर्व में सबसे बड़ी है। यह सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित है।
इसकी क्षमता 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) है और यह सऊदी क्रूड ऑयल के निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण टर्मिनल के रूप में कार्य करती है।
दुनिया गोल
Middle East Tensions : पीएम मोदी ने इजरायल और यूएई के नेताओं से क्या बात की?
- पीएम मोदी ने दोनों राष्ट्राध्यक्षों से फोन वार्ता में तनाव कम करने पर जोर दिया है।
नई दिल्ली |
इजरायल व अमेरिकी की ओर से ईरान पर किए गए हमले के बाद मध्य पूर्व में बनी तनाव की स्थिति के बीच भारतीय पीएम ने रविवार रात (1 march) दो देशों के राष्ट्राध्यक्षों से वार्ता की है। इससे पहले भारत की ओर से इस तनाव को लेकर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई है।
गौरतलब है कि इस हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर (रहवर) खामेनेई की हत्या को लेकर भारत की ओर से ईरानी प्रतिनिधि से कोई वार्ता नहीं की गई है। साथ ही, ये हमले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसराइल की दो दिन की यात्रा से लौटने के तुरंत बाद हुए हैं।
पीएम मोदी ने ट्वीट करके बताया कि उन्होंने इजरायली पीएम नेतन्याहू से बात करके क्षेत्रीय तनाव को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। साथ ही कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। पीएम मोदी ने भी दोहराया कि जल्द से जल्द संघर्ष रोकना ज़रूरी है।
यूएई पर हुए हमलोें की निंदा की
इजरायल से फोन वार्ता से पहले पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बात की। उन्होंने ट्वीट करके लिखा कि मैंने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में हुई जानों के नुकसान पर शोक व्यक्त किया।
गौरतलब है कि ईरान ने यूएई स्थित दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में से एक दुबई एयरपोर्ट पर हमला किया है, जिसे लड़ाई शुरू होने के बाद ऑपरेशन के लिए बंद कर दिया गया है। इससे पहले दुबई के मशहूर लैंड आइलैंड पाम और एक लग्जरी होटल बुर्ज अल अरब पर हमला किया था।
पीएम मोदी ने यूएई राष्ट्रपति से कहा है कि भारत इस मुश्किल समय में यूएई के साथ एकजुट खड़ा है। उन्होंने यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए उनका धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि भारत तनाव कम करने (De-escalation) , क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है।
भारत ने हमलों पर संयम बरतने की अपील की
“भारत ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं।”
दुनिया गोल
Breaking News : अमेरिका-इजरायल हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत, सरकारी मीडिया ने पुष्टि की
नई दिल्ली |
अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान की मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने रविवार सुबह (1 march) इसकी पुष्टि की है।
इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू के मारे जाने की भी खबर है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का दावा किया था।
बता दें कि इजरायल-अमेरिका की ओर से शनिवार को शुरू किए गए हवाई हमलों में ईरान के 31 में से 24 प्रांतों को निशाना बनाया गया, जिसमें राजधानी तेहरान भी शामिल है।
ईरानी सेना ने खामेनेई की शहादत के बाद “खतरनाक अभियान” की शुरुआत की घोषणा की है। सेना ने कहा कि यह हमला कुछ ही देर में शुरू होगा और क्षेत्र में कब्जे वाले क्षेत्रों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाएगा।
ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक
उधर, इस्लामिक रिवॉल्यूशन गार्ड्स कोर (IRGC) ने इस्लामिक क्रांति के नेता खामनेई की शहादत पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा – इससे ईरानी राष्ट्र उनकी राह पर चलने के लिए और अधिक दृढ़ होगा।
ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है।
ईरान में अब तक 200 से ज्यादा मौतें
ईरान के एक गैर-सरकारी मानवतावादी संगठन ‘ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी’ का कहना है कि इन हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हैं। ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई और 45 छात्राएं घायल हैं।
ईरान का पलटवार- 9 देशों पर हमले
अमेरिका और इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 9 देशों को निशाना बनाया। ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं। कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया। ईरान ने दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला किया। इसके अलावा बहरीन में कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया।
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