प्रदेश रिपोर्ट
सहरसा: कृषि कॉलेज के छात्र की मौत पर बवाल, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया
- सहरसा के डिग्री कॉलेज के पास एक्सीडेंट में स्टूडेंट की मौत।
- एक्सीडेंट की सूचना के बाद भी कॉलेज के मदद न भेजने का आरोप।
- मण्डन भारती कृषि महाविद्यालय में तालाबंदी करके धरना शुरू।
सहरसा | मुकेश सिंह
बिहार के सहरसा जिले के मण्डन भारती कृषि महाविद्यालय (MBAC) के एक छात्र की सड़क हादसे में मौत के बाद विद्यार्थियों के बीच जबरदस्त उबाल देखने को मिला।
शुक्रवार को कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
धरने पर बैठे छात्रों का आरोप है कि उनका साथी डिग्री कॉलेज आते समय सड़क हादसे में घायल हो गया था, एक्सीडेंट की सूचना तुरंत डिग्री कॉलेज प्रशासन को दी गई थी, लेकिन प्रबंधन ने इलाज में कोई सहयोग नहीं किया। तुरंत मदद न मिलने से छात्र की हालत गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आक्रोशित विद्यार्थी डिग्री कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं और प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिवान जिले के रहने वाले 22 साल के रोहित कुमार, इस कृषि महाविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर फाइनल ईयर के छात्र थे।
बीते 13 अप्रैल को कॉलेज जाने के दौरान मत्स्यगंधा के पास एक टोटो हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए पटना एम्स ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
धरना दे रही छात्रा शगुफ्ता प्रवीण और छात्र वकार अहमद ने मीडिया के सामने कहा- “इतने बड़े संस्थान में एक इमरजेंसी एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं है। अगर समय रहते कॉलेज प्रशासन सक्रिय होता और उसे समय से अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो शायद रोहित की जान बच सकती थी।”
धरना दे रहे विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया है कि “जब तक मृतक छात्र रोहित कुमार के परिजनों को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता और कॉलेज में एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधा नहीं दी जाती, तब तक कॉलेज की तालाबंदी और धरना जारी रहेगा।

