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आखिर 43 दिनों के बाद खत्म हुआ अमेरिका में शटडाउन, जानिए इतना लंबा क्यों खिंचा

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राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पेंडिंग बिल पर हस्ताक्षर करके शटडाउन को खत्म कर दिया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पेंडिंग बिल पर हस्ताक्षर करके शटडाउन को खत्म कर दिया।
  • संघीय सरकार को अगले साल जनवरी तक का बजट मिल जाने के बाद शटडाउन खत्म हुआ है।

नई दिल्ली |

अमेरिका में पिछले 43 दिनों से चल रहा फेडरल शटडाउन अब खत्म हो गया है। अमेरिकी संसद के निचले सदन में स्पेंडिंग बिल के पास हो जाने के कुछ घंटों बाद बुधवार की रात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साइन करके इसे कानून बना दिया। इस तरह अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन समाप्त हुआ है।

इस विधेयक को निचले सदन में 222 मत मिले और विरोध में 209 मत पड़े।

बता दें कि दो दिन पहले अमेरिकी संसद के उच्च सदन में 6 विपक्षी डेमोक्रेट सांसदों व दो स्वतंत्र सांसदों ने कम अवधि के विधेयक के समर्थन में वोट डाला था। जिसके बाद शटडाउन खत्म होने का रास्ता बन गया था।

यह शटडाउन 7 अक्तूबर को शुरू हुआ था क्योंकि सत्ताधारी रिपब्लिकन व विपक्षी डेमोक्रेट्स के बीच संघीय बजट पर सहमति नहीं बन पाई थी। ताजा विधेयक में सरकार को जनवरी-2026 तक खर्च के लिए फंड मिल गया है।
हालांकि अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब भी संघीय सेवाएं पूरी तरह शुरू होने में समय लग सकता है।
अमेरिकी इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन

अमेरिका के इतिहास में यह 15वां शटडाउन था जो अब तक के सभी शटडाउन में सबसे लंबा चला। इससे पहले ट्रंप के पिछले कार्यकाल (2018-19 में भी शटडाउन हुआ था जो 35 दिनों तक चला। हालांकि उसे पूर्ण सरकारी शटडाउन नहीं कहा जाता है।

 

आम लोगों के दैनिक जीवन पर असर

शटडाउन के कारण सरकारी कामकाज पूरी तरह बंद हो गये थे जिससे जनता परेशान थी। साथ ही 60 लाख निम्नआय वाले अमेरिकियों की भोजन सहायता रुक गई।

 

केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी रूकी

इस शटडाउन में लगभग 9,00,000 संघीय कर्मचारियों को अवकाश पर भेज दिया गया था। साथ ही, 20 लाख को कर्मियों को बिना वेतन के काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

 

20 हजार हवाई यात्राओं पर असर 

ट्रंप के मुताबिक, पूरे शटडाउन में 20 हजार यात्री उड़ानों पर असर पड़ा जिससे आम लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी आई।

 

सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं जारी थीं

केवल स्वास्थ्य सेवा, स्वास्थ्य सहायता और परिवहन सुरक्षा प्रशासन जैसी आवश्यक सेवाएं ही उपलब्ध थी। बताया जा रहा है कि अब आने वाले दिनों में सरकारी सेवाओं को फिर से शुरू किए जाने की आशा है।

 

व्हाइट हाउस का बयान

व्हाइट हाउस ने भी सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप आज बिल पर साइन कर दिया। ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद अमेरिका में शटडाउन समाप्त हो गया।


 

जानिए .. आखिर इतना लंबा क्यों चला शटडाउन

 

1. ट्रंप ने दीवार बनाने को बजट मांगा, जिससे बिल लटका 

अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच बजट पर सहमति न बन पाने का प्रमुख कारण सीमा पर दीवार बनाने का प्रस्ताव था।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिको बॉर्डर वॉल के लिए $5.7 बिलियन की मांग की, जिसे डेमोक्रेट्स ने खारिज कर दिया।

दोनों पक्षों ने समझौते से इनकार कर दिया जिससे फंडिंग बिल पास नहीं हो सका और शटडाउन लागू हुआ। इसे ट्रंप ने डेमोक्रेट्स शटडाउन कहा।

 

2. मध्यावधि चुनाव की रणनीति ने बजट लटकाया 

अगले साल अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने हैं, जिसके चलते दोनों दल अपने राजनीतिक एजेंडे पर सख्त रहकर अपने वोटर को खुश करना चाहते हैं।

ट्रंप ने अप्रवासी विरोधी नीति के चलते सीमा पर दीवार का वादा दोहराया है।

डेमोक्रेट्स ने ओबामा केयर सब्सिडी के विस्तार की मांग की है जो दिसंबर में खत्म हो जाएगी।

 


जनवरी तक फंडिंग मिली, एक और लॉकडाउन का खतरा

अमेरिका में सरकार की फंडिंग अब जनवरी 2026 के अंत तक सुरक्षित हो गई है। हालांकि, स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी से जुड़े ‘अफोर्डेबल केयर एक्ट’ (ACA) को लेकर कोई समाधान नहीं निकला है।
अगर जनवरी के अंत तक इस स्वास्थ्य संबंधी गतिरोध का हल नहीं निकला तो अमेरिका को फिर से शटडाउन का सामना करना पड़ सकता है।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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Saudi Aramco : सऊदी स्थित मध्यपूर्व की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर हमला

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नई दिल्ली | मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco की प्रमुख ऊर्जा साइट रास तनुरा रिफाइनरी (Ras Tanura refinery) पर ईरान ने ड्रोन हमला किया है।

रॉयटर्स ने सोर्स के हवाले से खबर दी है कि इस हमले के बाद इस रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इस घटना के बाद वैश्विक तेल बाजार में तेज हलचल देखी गई और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 9.32% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बता दें कि सऊदी अरामको, सऊदी सरकार के स्वामित्व वाली पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस कंपनी है जो सऊदी अरब की राष्ट्रीय तेल कंपनी है। इसकी रस तनूरा कॉम्प्लेक्स नामक रिफाइनरी मध्य पूर्व में सबसे बड़ी है। यह सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित है।

इसकी क्षमता 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) है और यह सऊदी क्रूड ऑयल के निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण टर्मिनल के रूप में कार्य करती है।

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Middle East Tensions : पीएम मोदी ने इजरायल और यूएई के नेताओं से क्या बात की?

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https://www.flickr.com/photos/meaindia/53847805909
भारतीय पीएम मोदी
  • पीएम मोदी ने दोनों राष्ट्राध्यक्षों से फोन वार्ता में तनाव कम करने पर जोर दिया है।

नई दिल्ली |

इजरायल व अमेरिकी की ओर से ईरान पर किए गए हमले के बाद मध्य पूर्व में बनी तनाव की स्थिति के बीच भारतीय पीएम ने रविवार रात (1 march) दो देशों के राष्ट्राध्यक्षों से वार्ता की है। इससे पहले भारत की ओर से इस तनाव को लेकर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई है।

गौरतलब है कि इस हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर (रहवर) खामेनेई की हत्या को लेकर भारत की ओर से ईरानी प्रतिनिधि से कोई वार्ता नहीं की गई है। साथ ही, ये हमले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसराइल की दो दिन की यात्रा से लौटने के तुरंत बाद हुए हैं।

पीएम मोदी ने ट्वीट करके बताया कि उन्होंने इजरायली पीएम नेतन्याहू से बात करके क्षेत्रीय तनाव को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। साथ ही कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। पीएम मोदी ने भी दोहराया कि जल्द से जल्द संघर्ष रोकना ज़रूरी है।

यूएई पर हुए हमलोें की निंदा की

इजरायल से फोन वार्ता से पहले पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बात की। उन्होंने ट्वीट करके लिखा कि मैंने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में हुई जानों के नुकसान पर शोक व्यक्त किया।

गौरतलब है कि ईरान ने यूएई स्थित दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में से एक दुबई एयरपोर्ट पर हमला किया है, जिसे लड़ाई शुरू होने के बाद ऑपरेशन के लिए बंद कर दिया गया है। इससे पहले दुबई के मशहूर लैंड आइलैंड पाम और एक लग्जरी होटल बुर्ज अल अरब पर हमला किया था।

पीएम मोदी ने यूएई राष्ट्रपति से कहा है कि भारत इस मुश्किल समय में यूएई के साथ एकजुट खड़ा है। उन्होंने यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए उनका धन्यवाद किया। साथ ही कहा कि भारत तनाव कम करने (De-escalation) , क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है।

भारत ने हमलों पर संयम बरतने की अपील की

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए संयम बरतने की अपील की। MEA के बयान में कहा गया है –
“भारत ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं।”
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Breaking News : अमेरिका-इजरायल हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत, सरकारी मीडिया ने पुष्टि की

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अयातुल्ला अली ख़ामेनेई

नई दिल्ली |

अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान की मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने रविवार सुबह (1 march) इसकी पुष्टि की है।

इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू के मारे जाने की भी खबर है।

आयतुल्लाह खामेनेई ने 1989 में इस्लामी गणराज्य के संस्थापक इमाम खुमैनी की मौत के बाद से 37 साल तक ईरान और मुस्लिम उम्मत का नेतृत्व किया, अब उनकी हत्या के बाद ईरान में यह स्थान खाली हो गया है, देखना होगा कि उनका उत्तराधिकारी किसे बनाया जाता है। 

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का दावा किया था।

बता दें कि इजरायल-अमेरिका की ओर से शनिवार को शुरू किए गए हवाई हमलों में ईरान के 31 में से 24 प्रांतों को निशाना बनाया गया, जिसमें राजधानी तेहरान भी शामिल है।

ईरानी सेना ने खामेनेई की शहादत के बाद “खतरनाक अभियान” की शुरुआत की घोषणा की है। सेना ने कहा कि यह हमला कुछ ही देर में शुरू होगा और क्षेत्र में कब्जे वाले क्षेत्रों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाएगा।

ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक

उधर, इस्लामिक रिवॉल्यूशन गार्ड्स कोर (IRGC) ने इस्लामिक क्रांति के नेता खामनेई की शहादत पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा – इससे ईरानी राष्ट्र उनकी राह पर चलने के लिए और अधिक दृढ़ होगा।

ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है।

ईरान में अब तक 200 से ज्यादा मौतें

ईरान के एक गैर-सरकारी मानवतावादी संगठन ‘ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी’ का कहना है कि इन हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हैं। ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हो गई और 45 छात्राएं घायल हैं।

ईरान का पलटवार- 9 देशों पर हमले

अमेरिका और इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 9 देशों को निशाना बनाया। ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं।  कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया। ईरान ने दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला किया। इसके अलावा बहरीन में कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया।

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