Connect with us

चुनावी डायरी

तेजस्वी के गांव वाले चुनाव के रिजल्ट को लेकर क्या कह रहे हैं?

Published

on

फुलवरिया गांव के लोग राजद व महागठबंधन की जीत को लेकर उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस तरह उनके इलाके में भी विकास लौटेगा।
फुलवरिया गांव के लोग राजद व महागठबंधन की जीत को लेकर उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस तरह उनके इलाके में भी विकास लौटेगा।
  • लालू यादव का गांव फिर दिखा रहा है उम्मीद इस बार बिहार में बदलाव तय

 

गोपालगंज | अनुज पांडे

तेजस्वी यादव के पैतृक गांव फुलवरिया के लोग इस चुनाव से उम्मीद लगा रहे हैं कि फिर से उनके नेता बिहार के मुखिया बनेंगे। इन ग्रामीणों का कहना है कि “राजद और महागठबंधन की सरकार बनना तय है, जितनी ज्यादा वोटिंग हुई है, वो लोग तेजस्वी भैया के लिए वोट दिए हैं।”

ग्रामीणों को उम्मीद है कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बने तो उनके इलाके में दोबारा विकास लौटेगा। गांव के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. संजय गुप्ता का कहना है कि 14 नवंबर को रिजल्ट को लेकर हम आश्वस्त हैं और जश्न की तैयारी शुरू कर दी गई हैं।

एक दौर में फुलवरिया को ‘मिनी सचिवालय’ के रूप में जाना जाता था क्योंकि लंबे समय तक लालू यादव का परिवार गांव में ही रहता था।

वर्ष 1990 में जब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब इस गांव का कायाकल्प शुरू हुआ था। उस समय गांव में आने-जाने के लिए सड़क तक नहीं थी।

बरसात में तीन फीट पानी पार कर लोग गांव पहुंचते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद लालू प्रसाद यादव ने यहां प्रखंड सह अंचल कार्यालय, थाना, बैंक, पावर सबस्टेशन, निबंधन कार्यालय, अस्पताल और हेलीपैड जैसी कई सुविधाएं दीं।

इतना ही नहीं मीरगंज से फुलवरिया तक की सड़क उस दौर में इतनी बेहतरीन बनी कि उसकी मिसाल पूरे बिहार में दी जाती थी। बाद में जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री बने, तब फुलवरिया को एक और बड़ी सौगात मिली।

यहां रेलवे स्टेशन का निर्माण हुआ और गांव रेल नक्शे पर शामिल हो गया। लेकिन सत्ता से बेदखली के बाद फुलवरिया की चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ती गई।

आज स्थिति यह है कि हेलीपैड खस्ताहाल है।

सड़कें जर्जर हो चुकी हैं और रेलवे स्टेशन पर गंदगी का अंबार लगा है।

गांव में बने पावर सबस्टेशन की स्थिति भी दयनीय है।

ग्रामीण बताते हैं कि बिजली और आधारभूत सुविधाओं के लिए उन्हें आज भी संघर्ष करना पड़ता है।

इस चुनाव में मतदान के बाद गांव के युवाओं में एक नई उम्मीद जागी है। उनका कहना है कि यदि तेजस्वी यादव की सरकार बनती है तो फुलवरिया एक बार फिर विकास की राह पर लौटेगा।

युवाओं ने कहा कि इस बार पूरे बिहार में महागठबंधन की लहर है। जनता ने बदलाव के लिए वोट किया है, और परिणाम आने के बाद बिहार की सत्ता पर महागठबंधन का कब्ज़ा तय है। फुलवरिया के लोगों का विश्वास है कि 14 नवंबर को मतगणना के बाद जब परिणाम आएंगे, तो बिहार के साथ-साथ उनके गांव में भी खुशियों की बयार बहेगी और तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने के साथ एक नया विकास अध्याय शुरू होगा।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *