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चुनावी डायरी

बिहार : सिर्फ 30 वोट से जीतकर बसपा को सीट दिलाने वाले नेता कौन हैं?

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कैमूर | हमारे संवाददाता
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में रामगढ़ सीट पर एक रोमांचक परिणाम सामने आया, जहां बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उम्मीदवार सतीश कुमार सिंह यादव ने मात्र 30 वोटों के बेहद कम अंतर से जीत हासिल की।
यह जीत BSP के लिए बिहार में एक बड़ी राहत रही क्योंकि पार्टी इसके जरिए एक सीट सुरक्षित कर पाई। 2020 के चुनाव में भी BSP को एक ही सीट मिली थी। 
हालांकि रामगढ़ सीट की काउंटिंग के दौरान एकदम कांटे की टक्कर होने के चलते तनाव काफी बढ़ गया,  बीएसपी समर्थकों ने धांधली का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया, पुलिस पर पथराव हुआ और दो स्कॉर्पियो में आग लगा दी गई, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।
  बदले में पुलिस ने लाठीबाजी किया। देर रात इसका परिणाम घोषित हुआ जिसमें बासपा प्रत्याशी सिर्फ 30 वोटों से जीत गए। 

सतीश कुमार ने सिटिंग विधायक को हराया 

सतीश ने 72,689 वोट जीते जबकि उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी भाजपा के मौजूदा विधायक अशोक कुमार सिंह ने 72,659 वोट जीते। इस तरह केवल 30 वोटों से सतीश ने भाजपा प्रत्याशी को हरा दिया।  सतीश की जीत का श्रेय स्थानीय मुद्दों और दलित वोटरों के समर्थन को दिया जा रहा है।

बसपा प्रत्याशी की अप्रत्याशित जीत

बसपा प्रत्याशी की अप्रत्याशित जीत

अंतिम चरण की काउंटिंग में सतीश ने बढ़त बनाई

रामगढ़ सीट पर मतगणना के दौरान शुरू से ही कड़ा मुकाबला देखने को मिला। शुरुआती राउंड में भाजपा के अशोक कुमार सिंह आगे थे, लेकिन अंतिम चरणों में सतीश कुमार सिंह यादव ने बढ़त बना ली। यह सीट लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भाजपा के बीच पिछले कुछ चुनावों से झूल रही थी, लेकिन इस बार BSP ने बाजी मार ली।

 

बसपा समर्थकों ने धीमी काउंटिंग का आरोप लगाकर पथराव किया

दरअसल बीएसपी उम्मीदवार सतीश कुमार सिंह यादव 24 राउंड की गिनती के बाद 70,835 वोट मिले। बीजेपी के अशोक कुमार सिंह सिर्फ उनसे 175 वोट के अंतर से ही पीछे थे। केवल एक राउंड की गिनती बाकी थी, इसी दौरान बीएसपी समर्थक भड़क उठे। उनका आरोप था कि नतीजों में देरी की जा रही है और जानबूझकर अंतिम राउंड की गिनती नहीं कराई जा रही।

स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बीएसपी समर्थकों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर चलाने शुरू कर दिए। समर्थक बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्य गेट तक पहुंच गए, उन्हें बलपूर्वक पीछे हटाया गया।

हंगामे के बीच भीड़ ने नगर आवास एवं विकास कार्यपालक पदाधिकारी की खड़ी स्कॉर्पियो में आग लगा दी। कुछ ही मिनटों में वाहन जलकर खाक हो गया। फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाना पड़ा।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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