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चुनावी डायरी

बिहार : जहानाबाद में उद्योगपति बोले- जहां बीजेपी वहां विरोध में वोटिंग हो, NDA के बाकी दलों का समर्थन करें

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  • उद्योगपति अफसर इमाम ने कहा- “लोग जदयू, लोजपा, हम को वोट करें लेकिन जहां बीजेपी हो वहां राजद का समर्थन करें।”

जहानाबाद | शिवा केसरी

जहानाबाद के उद्योगपति अफसर इमाम ने मुस्लिम समुदाय के साथ एक बड़ी बैठक करके चुनाव में वोटिंग को लेकर एकजुटता की रणनीति बनाई। अफसर इमाम ने कहा कि मुस्लिम समाज बीजेपी को वोट देने से परहेज करे लेकिन NDA सरकार लाने के लिए अन्य सहयोगी दलों जदयू, HAM, लोजपा(रामविलास) आदि के प्रत्याशियों का समर्थन करे। इस तरह अफस इमाम ने NDA के समर्थन का संदेश स्थानीय मुस्लिमों को दिया और कहा कि वे चाहते हैं कि राज्य में जगंलराज की वापसी न हो।

उद्योगपति अफसर इमाम ने जिले में आगमन पर कहा- “लोग जदयू, लोजपा, हम को वोट करें लेकिन जहां बीजेपी हो वहां राजद का समर्थन करें।”

नीतीश कुमार के समर्थन में मुस्लिमों को संदेश दिया और बीजेपी के खिलाफ वोटिंग के लिए कहा।

नीतीश कुमार के समर्थन में मुस्लिमों को संदेश दिया और बीजेपी के खिलाफ वोटिंग के लिए कहा।

बैठक में स्थानीय मुस्लिम बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और युवाओं ने भाग लिया, यह बैठक शहर के ईदगाह मैदान में हुई। उन्होंने वहां उपस्थित मुस्लिम समाज के लोगों से कहा कि इस बार वोटों का बिखराव रोकना जरूरी है ताकि सांप्रदायिक ताकतों को हराया जा सके और क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर मतदान किया जा सके।

वक्फ पर बोले- सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया, अब नीतीश का साथ दें

अपने भाषण में उद्योगपति बोले कि वक्फ बिल के खिलाफ नीतीश कुमार जी नहीं बोले पर अब सुप्रीम कोर्ट ने इसके खिलाफ फैसला देकर मामला खत्म कर दिया है, अब सिर्फ विकास पर फोकस होगा इसलिए आप सभी नीतीश जी वाली NDA सरकार को ही जिताइए।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि जहानाबाद जिले के कई प्रखंडों में समाज के लोगों को एकजुट करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि मतदान के दिन अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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