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चुनावी डायरी

बिहार : करगहर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के घर पर पुलिस की छापामारी, बोले- बदनाम करने की साजिश

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  • रोहतास जिले की करगहर विधानसभा सीट का मामला।
  • कांग्रेस प्रत्याशी व निर्वतमान विधायक के घर पर छापामारी।
  • इस सीट से कांग्रेस व सीपीआई ने भी प्रत्याशी उतारे हैं।

सासाराम | अविनाश कुमार श्रीवास्तव

बिहार की करगहर असेंबली सीट पर महागठबंधन की ओर से कांग्रेस और सीपीआई के प्रत्याशी लड़ रहे हैं। कांग्रेस के प्रत्याशी यहां के विधायक भी हैं, अपने ही सहयोगी से लड़ना इनके लिए सिरदर्द बना हुआ है, साथ ही पुलिस छापामारी से नई चुनौती भी खड़ी हो गई है।

दरअसल 3 नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस प्रत्याशी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि उनके घर पर देर रात पुलिस ने अचानक छापामारी कर दी और इसका कारण भी नहीं बताया। मीडिया के सामने छापामारी का वीडियो दिखाते हुए वे बोले कि उनके ऊपर आजकल कोई क्रिमिनल केस नहीं है, फिर भी पुलिस ने राजनीतिक दबाव में आकर छापामारी की। इस तरह चुनाव से पहले उन्हें बदनाम करने की कोशिश हो रही है।

इस मामले में जांच करने पर हमने पाया कि संतोष कुमार का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और इनकी घोषित संपत्ति 4 करोड़, 87 लाख रुपया है।

करगहर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रत्याशी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि 2 नवंबर की देर रात चुनाव जब वह प्रचार से लौटकर घर में खाना खा रहे थे, तो अचानक पुलिस घुस आई। उन्होंने कहा कि रोहतास पुलिस ने बेडरूम तक की छानबीन की और ठीक ढंग से व्यवहार भी नहीं किया ।

इस मामले में पुलिस का कहना है कि सासाराम में 1 नवंबर को आपसी रंजिश में दो पक्षों के बीच फायरिंग हुई थी, इस मामले में जब पटवाडीह गांव में सर्च अभियान चलाया गया तो वहां एक घर की तलाशी के दौरान माननीय विधायक मौजूद थे ।

विधायक ने इसे राजनीतिक दबाव का हिस्सा बताया और निष्पक्ष रूप से जांच की मांग की।

इस सीट से कांग्रेस, सीपीआई, के अलावा, जदयू और जनसुराज ने प्रत्याशी उतारे हैं और इसे बहुकोणीय चुनाव माना जा रहा है।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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