Connect with us

लाइव पन्ना

बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष बोलीं- ‘रोहिणी आचार्य केस में प्रताड़ना हुई, वे आवेदन नहीं देंगी तो हम खुद संज्ञान लेंगे’

Published

on

रोहिणी आचार्य मामले पर बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा शर्मा (इनसेट) ने बयान दिया है।
रोहिणी आचार्य मामले पर बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा शर्मा (इनसेट) ने बयान दिया है।
  • लालू यादव-राबड़ी देवी की बेटी रोहिणी आचार्य ने खुद से दुर्व्यवहार का खुलासा किया।
  • बोलीं- पार्टी की हालत पर सवाल पूछा तो गाली देकर चप्पल मारकर निकाला गया।
  • उन्होंने भाई तेजस्वी यादव, उनके सहालाकार संजय यादव व रमीज नेमत पर आरोप लगाया।

पटना|

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की बेटी रोहिणी आचार्य ने खुद के ऊपर हुए दुर्व्यवहार का मामला मीडिया के सामने रखा, जिसके बाद अब बिहार राज्य महिला आयोग ने इस पर संज्ञान लेने के संकेत दिए हैं।

बिहार राज्य महिला आयोग अप्सरा मिश्रा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। महिला आयोग की अध्यक्ष की ओर से कहा गया है कि यह सीधे हरासमेंट (प्रताड़ना) का मामला है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर रोहिणी आचार्य खुद आवेदन नहीं देती हैं तो फिर बात बढ़ने पर महिला आयोग की ओर से स्वतः संज्ञान लिया जाएगा।

‘चप्पल मारकर अपमानित करना प्रताड़ना है’

बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा कि हमने रोहिणी आचार्य का वक्तव्य सुना जिसमें उन्होंने अपने ऊपर हो रहे अत्याचार का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि उनको चप्पल से मारा गया था। यह एक हरासमेंट का मामला है, जिसमें उन्हें अपमानित किया गया है। उनका दर्द पोस्ट और वक्तव्य के माध्यम से दिखा है, मगर उनके परिवार की ओर से एक शब्द भी नहीं कहा गया।

रोहिणी आवेदन दें, हम तुरंत कार्रवाई करेंगे

आने वाले समय में अगर रोहिणी आचार्य महिला आयोग में आवेदन करती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई होगी। अगर महिला आयोग को लगेगा कि पानी सिर के ऊपर से जा चुका है और हरासमेंट बढ़ गया है तो फिर महिला आयोग स्वतः संज्ञान लेगी।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *