Connect with us

चुनावी डायरी

दशरथ मांझी के बेटे का आरोप- ‘राहुल गांधी ने टिकट का वादा किया, दिल्ली से खाली हाथ लौटना पड़ा’

Published

on

राहुल बिहार यात्रा के दौरान भागीरथ मांझी से मिले थे। (फाइल फोटो, टीम बोलते पन्ने)
  • बिहार यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने भागीरथ मांझी से टिकट का वादा किया था।
  • दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी ने कहा- कांग्रेस ने हमें जदयू की तरह ठगा।
  • चार दिनों तक दिल्ली में रहे मांझी, न राहुल से मुलाकात हुई, न टिकट मिला।

 

गया जी| अजीत कुमार

जिस दशरथ मांझी ने पहाड़ काटकर रास्ता बना दिया था, उनके बेटे भागीरथ मांझी ने राहुल गांधी पर धोखा देने का आरोप लगाया है। भागीरथ मांझी ने गयाजी में मीडिया से कहा कि वे चार दिनों तक दिल्ली में कांग्रेस से टिकट मांगते रहे, पर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। जबकि खुद राहुल गांधी ने उन्हें टिकट देने का आश्वासन दिया था।

मांझी ने कहा कि,

“हमें राहुल गांधी से मिलने तक नहीं दिया गया, राजनीतिक पार्टियां हर चुनाव में महादलितों को ठगने का काम करती हैं, पहले हमें जदयू ने ठगा, अब कांग्रेस ने भी।”

 

 

राहुल सितंबर में भागीरथ मांझी से मिले थे

बता दें कि पहले भागीरथ मांझी को नीतीश कुमार ने सम्मान दिया और जदयू में शामिल कराया था। फिर बीते सितंबर में राहुल गांधी अपनी वोटर अधिकार यात्रा के दौरान भागीरथ मांझी से मिलने गया जी के गहलौर में उनके घर पहुंचे थे।

राहुल बिहार यात्रा के दौरान भागीरथ मांझी से मिले थे।

राहुल बिहार यात्रा के दौरान भागीरथ मांझी से मिले थे।

तब उन्होंने सरकार पर दशरथ मांझी के परिवार की उपेक्षा का आरोप लगाकर टिकट देने का वादा किया था। और फिर उनका पक्का मकान भी कांग्रेस ने बनवा था, जिससे उन्हें कांग्रेस से चुनाव में उम्मीदवारी मिलने की उम्मीद जागी।

 

दशरथ मांझी का कहना है कि वे दिल्ली के कांग्रेस कार्यालय में गए तो आश्वासन मिलता रहा। फिर बताया गया कि गयाजी की बाराचट्टी रिजर्व सीट अगर कांग्रेस के खाते में आती है तो उन्हें ही टिकट मिलेगा। पर फिर बाद में कांग्रेस कार्यालय ने बताया कि सीट राजद के पास चली गई है। फिर उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।

भगीरथ मांझी के दामाद ने मिथुन मांझी ने कहा कि मांझी समाज को सब लोग झोला थमाकर और बनडमरू बनाकर रखते है, धरना प्रदर्शनों में हमारा इस्तेमाल होता है पर कोई हमें राजनीति में उतरने नहीं देना चाहता।

 

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *