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दुनिया गोल

ईरान ने गिराए अमेरिका के F-35 और A-10 विमान, ‘नए डिफेंस सिस्टम’ का किया इस्तेमाल

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ईरान का दावा है कि इस तस्वीर में पीछे की ओर दिख रहे दो विमानों को उसने मार गिराया है।
  • ईरान ने अपने वायु क्षेत्र में उड़ रहे दो अमेरिकी विमानों को मार गिराया।

(नोट – इस खबर को वीडियो में देखने के लिए इस लिंक पर जाएं।)

नई दिल्ली | ईरान ने अमेरिका के दो लड़ाकू विमान मार गिराए, जिसमें उसने अपने नए एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया था। ईरान ने चार अप्रैल को यह दावा किया है।

ईरानी समाचार एजेंसी की ओर से विमान को टारगेट करने की ये तस्वीर पोस्ट की है।

ईरानी समाचार एजेंसी की ओर से विमान को टारगेट करने की ये तस्वीर पोस्ट की है।

बीती 3 अप्रैल को ईरान ने अमेरिका के दो सैन्य विमान और सर्च ऑपरेशन में लगे दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को शिकार बनाकर दुनिया को चौंका दिया था।

विमान के मलबे की तस्वीर जारी की गई है।

इनमें एक F-35 फाइटर जेट और दूसरा A-10 अटैक एयरक्राफ्ट है। CBS न्यूज के मुताबिक, हमले में एक पायलट बचा लिया गया जबकि दूसरे लापता पायलट पर ईरान ने ईनाम घोषित कर दिया है।

न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, 23 साल में पहली बार दुश्मन की गोलीबारी में अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराए गए हैं।  इससे पहले 2003 में इराक युद्ध के दौरान ऐसा हुआ था।

विमान के मलबे की तस्वीर जारी की गई है।

उधर, ईरान ने चार अप्रैल को दावा किया कि अमेरिकी लड़ाकू विमान को गिराने के लिए उसने नई वायु रक्षा प्रणाली (Air Defence System) का इस्तेमाल किया।

ईरान के संयुक्त सैन्य कमांड ‘खातम अल-अंबिया’ के हवाले से रॉयटर्स ने यह रिपोर्ट किया है। इस डिफेंस सिस्टम के बारे में विस्तार में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

उधर, ईरानी सरकारी मीडिया ने संयुक्त सैन्य कमान के एक प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि ईरान निश्चित रूप से अपने हवाई क्षेत्र पर “पूर्ण नियंत्रण हासिल” कर लेगा।

युद्ध में अब तक अमेरिका के 7 विमान नष्ट

एक महीने से जारी युद्ध में अब तक 7 अमेरिकी विमान नष्ट हो चुके हैं। दो मार्च को कुवैत में फ्रेंडली फाइट में तीन F-15 विमान गिरे, क्रू मेंबर बच गए।

12 मार्च को इराक में KC-135 टैंकर क्रैश हुआ। 6 क्रू मेंबर मारे गए। सऊदी के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर E-3 सेंट्री व एक विमान नष्ट हुआ था।

ईरान के हालिया हमले पर ट्रंप से NBC न्यूज से कहा कि इसके दोनों देशों के बीच बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ट्रंप बोले- हम युद्ध में हैं।

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दुनिया गोल

शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद जाएंगे अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस, सीज़फायर उल्लंघन के बीच क्या हैं इसके मायने?

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नई दिल्ली | अमेरिका व ईरान के बीच आठ अप्रैल को हुए सीज़फायर का उल्लंघन हो रहा है लेकिन दोनों देश शांतिवार्ता के लिए इस्लामाबाद जाएंगे।
10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भेजा जाएगा। वेंस को भेजे जाने की व्हाइट हाउस की घोषणा को वार्ता के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
दरअसल ईरान अन्य अमेरिकी नेताओं की तुलना में वेंस के प्रति लचीला रुख रखता है।  वेंस अनिश्चितकालीन युद्धों में अमेरिका के फंसे रहने के विरोधी रहे हैं। वे पूर्व में अमेरिका के लिए इराक युद्ध में सेवा भी दे चुके हैं।
उधर, व्हाइट हाउस की ओर से प्रतिनिधिमंडल में जेडी वेंस के अलावा राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर को भी किए जाने की जानकारी दी गई है।
यह ध्यान रखने योग्य है कि विटकॉफ और कुशनर ने ही बीती फरवरी में जेनेवा में चली ईरान वार्ता में अमेरिका की ओर से हिस्सा लिया था।
ऐसे में ईरान पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उसे इन दोनों नेताओं पर भरोसा नहीं है क्योंकि वार्ता के बीच ही उस पर बमबारी शुरू हुई थी।

ईरानी नेता वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंचेंगे 

उधर, इस्लामाबाद जाने के लिए ईरानी प्रतिनिधि मंडल को लेकर एक्स पर एक जानकारी सामने आई लेकिन इसे कुछ देर में ही डिलीट कर दिया गया।
पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमिरी मुघदम ने एक्स पर घोषणा की कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल गुरुवार रात को इस्लामाबाद पहुंच जाएगा। लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने इसे डिलीट कर दिया।
दूतावास के अधिकारियों का कहना है कि यह जानकारी ‘समय से पहले’ साझा कर दी गई थी। इस घटनाक्रम से वार्ता को लेकर आशंका पैदा हो गई क्योंकि लेबनान पर हुए हमलों के बाद ईरान ने कहा कि संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ।

वार्ता में अहम पेंच- “परमाणु संवर्धन का अधिकार”

ईरान के परमाणु एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा है कि परमाणु संवर्धन के हमारे अधिकार से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है।
दरअसल ईरान ने दस बिंदु वाली जो शांति योजना अमेरिका के सामने रखी है, उसमें यह प्रमुख शर्त है।
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ट्रंप सीज़फायर की शर्त से पलटे : ‘लेबनान पर हमले’ को समझौते से बाहर बताया, लेबनान में 254 मौतों के बाद राष्ट्रीय शोक

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (X/cginisty)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (X/cginisty)

नई दिल्ली | 7 अप्रैल की सुबह अमेरिका-ईरान के बीच हुआ सीज़फायर शाम होते-होते कमजोर पड़ गया है।

इज़रायल ने ईरान के ऊपर हमले न करने से जुड़ी सीज़फायर की शर्त तो मानी, लेकिन साफ कह दिया कि वह लेबनान पर हमले जारी रखेगा।

फिर इज़रायल ने लेबनान पर अब तक के सबसे भीषण हवाई हमले किए। लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, अब तक 254 लोगों की मौत हो चुकी है और कम से कम 1,165 लोग घायल हैं।

लेबनान में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।

उधर, इज़रायल के रुख के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप फिर पलट गए। उन्होंने अमेरिका की PBS न्यूज़ को दिए इंटरव्यू  में कहा कि “सीज़फायर की शर्तों में लेबनान शामिल नहीं था।”

जबकि मध्यस्थ पाकिस्तान के पीएम ने अपने ट्वीट में साफ लिखा था कि “ईरान, लेबनान व उसके अन्य सहयोगियों के खिलाफ अमेरिका दो सप्ताह तक हमले रोकने के लिए राज़ी हो गया है।”

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर अमेरिका को चेताया कि “संघर्ष विराम और हमले साथ-साथ नहीं चल सकते।” ईरानी फार्स न्यूज ने खबर दी कि सीज़फायर के बाद खोला गया होर्मुज़ स्ट्रेट का सुरक्षित रास्ता बंद कर दिया गया है।

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टूटने की कगार पर सीज़फायर : लेबनान पर इजरायली बमबारी के बाद ईरान ने ‘होर्मुज़’ को फिर किया बंद

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लेबनान की राजधानी बेरूत में इज़रायल की भीषण बमबारी ने शांति की पहल को झटका दिया है।
लेबनान की राजधानी बेरूत में इज़रायल की भीषण बमबारी ने शांति की पहल को झटका दिया है।

नई दिल्ली | अमेरिका-ईरान की बीच बुधवार की सुबह हुआ संघर्ष विराम रात होते-होते खत्म होता नज़र आ रहा है। बुधवार की देर शाम को इज़रायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर भीषण हवाई बमबारी की है, जिसके बाद ईरान ने सीज़फायर न मानने की धमकी दी है। ईरानी मीडिया ने कहा है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के सुरक्षित रास्ते को बंद कर दिया है जिसे सुबह सीज़फायर समझौते के तहत खोला गया था।

खबरों के मुताबिक, इजरायली वायुसेना ने बेरूत में महज 10 मिनट के भीतर 100 से अधिक हवाई हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी विदेश मंत्री ने ‘एक्स’ (X) पर स्पष्ट किया कि सीज़फायर की शर्तों के तहत इजरायल को लेबनान पर हमले रोकने होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि

“अगर राष्ट्रपति ट्रंप इजरायल के जरिए लेबनान पर हमले जारी रखते हैं, तो यह संघर्ष विराम प्रभावी नहीं रहेगा।”

होर्मुज़ स्ट्रेट फिर से बंद

इस बीच ईरान की ‘फार्स न्यूज़’ ने रिपोर्ट किया है कि शांति वार्ता के बाद होर्मुज़ स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से जिस सुरक्षित समुद्री रास्ते को व्यापार के लिए खोला गया था, उसे ईरानी सेना ने दोबारा बंद कर दिया है। यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

‘हिजबुल्ला के खिलाफ ऑपरेशन जारी रहेगा’ – IDF 

इजरायली रक्षा बल (IDF) के प्रवक्ता ने एक वीडियो बयान जारी कर अपनी स्थिति साफ की है। प्रवक्ता ने कहा कि हिजबुल्ला के खिलाफ इजरायल का सैन्य ऑपरेशन जारी रहेगा क्योंकि यह “इजरायली सभ्यता के अस्तित्व को बचाने” के लिए अनिवार्य है।

पाकिस्तान ने की शांति की अपील

क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्वीट कर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि संघर्ष क्षेत्र से सीज़फायर के उल्लंघन की खबरें चिंताजनक हैं। उन्होंने सभी पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने और समझौते का सम्मान करने की अपील की है।

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