Connect with us

चुनावी डायरी

मुंगेर : डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के नॉमिनेशन में जनसुराज जिला इकाई टूटी

Published

on

  • जनसुराज पार्टी के मुंगेर जिलाध्यक्ष समेत 6 नेता BJP में शामिल।
  • डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के नॉमिनेशन के दौरान हुआ दल-बदल।
  • सम्राट चौधरी ने PK के दल की कमजोरी सामने लाकर झटका दिया।
मुंगेर (बिहार) | प्रशांत कुमार
चुनाव से ठीक पहले जनसुराज पार्टी की संगठन कमजोरियां निकलकर सामने आने लगी हैं। 16 अक्तूबर को जनसुराज की मुंगेर जिला इकाई में टूट हो गई, जिले के सभी बड़े नेता सम्राट चौधरी की मौजूदगी में BJP में शामिल हो गए। गनीमत रही कि उम्मीदवारों ने पार्टी नहीं बदली।
दरअसल, प्रशांत किशोर ने सितंबर में बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के ऊपर दो बड़े हत्याकांडों में शामिल होने का बड़ा आरोप लगाकर चैलेंज दिया था कि उनका इतना जनाधार नहीं है कि वे चुनाव लड़ पाएं।
BJP ने चैलेंज स्वीकारकर सम्राट चौधरी को उनकी घरेलू सीट तारापुर से टिकट दिया और सम्राट चौधरी के नामांकन कार्यक्रम के दौरान ही जनसुराज की जिला इकाई में टूट हो गई।
जनसुराज की मुंगेर जिला के अध्यक्ष योगेंद्र मंडल उर्फ जोगी मंडल, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष कविता कुमारी, प्रदेश समिति सदस्य समीर कुमार मधुकर समेत छह नेताओं ने दल बदला। ये सभी कुशवाहा समाज से हैं।
जनसुराज पार्टी ने मुंगेर सीट पर संजय कुमार सिंह, जमालपुर से पूर्व IAS ललनजी और तारापुर से बच्चों के डॉ. संतोष कुमार को उम्मीदवार बनाया है। 
प्रशांत किशोर का कहना है कि तारापुर सीट से 10वीं फेल सम्राट चौधरी को जनसुराज के उम्मीदवार डॉ. संतोष कुमार हरा देंगे। 17 अक्तूबर को डॉ. संतोष ने पर्चा भी भर दिया है, पर जिला इकाई की टूट का असर प्रचार को कमजोर कर सकता है।
अब देखना होगा कि जनसुराज ऐसे नेताओं के बल पर आगे कैसे बढ़ पाती है जो चुनाव आते ही बड़ी पार्टी में शामिल हो रहे हैं?
कुशवाहा समाज के सभी नेता टूटे 
जनसुराज महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कविता कुमारी, प्रदेश समिति सदस्य समीर कुमार मधुकर, विनोद मंडल, प्रकाश मांझी और प्रमोद मंडल। ये सभी कुशवाहा समाज से हैं।
योगेंद्र मंडल को डेढ़ वर्ष पहले प्रशांत किशोर ने जिलाध्यक्ष बनाया था। यह टूट जनसुराज के लिए असहज है।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *