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इस देश ने प्रवासियों से नफरत के खिलाफ वोट किया, अब समलैंगिक नेता को बनाएगा PM

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  • 38 वर्षीय समलैंगिक नेता रॉब जेटेन अब नीदरलैंड्स के सबसे युवा पीएम बनने जा रहे हैं। 
  • नीदरलैंड्स में दक्षिणपंथी पार्टी की बड़ी हार, प्रवासियों के खिलाफ नीतियों को नकारा।
नई दिल्ली |
जहां पूरी दुनिया में माइग्रेशन के खिलाफ राजनीति चरम पर है, नीदरलैंड्स के लोगों ने अपने देश में दक्षिणपंथी दलों की प्रवासी विरोधी नीतियों के खिलाफ वोटिंग करके चौंका दिया है। इतना ही नहीं नीदरलैंड्स के लोगों ने एक समलैंगिक युवा को पीएम के रूप में चुना है जो पूरी दुनिया में पहले समलैंगिक राष्ट्राध्यक्ष हो सकते हैं।  
(नोट – इस खबर को वीडियो में देखने के लिए इस लिंक पर जाएं।)
चुनाव के ऐतिहासिक परिणाम आने के बाद जश्न मनाते नीदरलैंड्स के लोग

चुनाव के ऐतिहासिक परिणाम आने के बाद जश्न मनाते नीदरलैंड्स के लोग (साभार – फेसबुक)

 

नीदरलैंड्स के लिबरल दल ‘सेंट्रिस्ट डेमोक्रेट्स 66’ (D66) ने आम चुनाव में अप्रत्याशित जीत हासिल की है। इस पार्टी ने 150 सदस्य वाले संसद के  निचले सदन में 26 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। D66 के 38 वर्षीय नेता रॉब जेटेन अब नीदरलैंड्स के सबसे युवा और पहले खुले तौर पर समलैंगिक प्रधानमंत्री बनने की कगार पर हैं।
अपने जीवनसाथी निकोलस कीनन के साथ जीत की खुशी बांटते रॉब जेटेन

अपने जीवनसाथी निकोलस कीनन के साथ जीत की खुशी बांटते रॉब जेटेन (साभार – फेसबुक)

हॉकी खिलाड़ी कीनन के साथ रिलेशन
उदेन एक एथलीट रह चुके हैं और उन्होंने रैडबाउड यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की। जेटेन साल 2022 से अर्जेंटीना के अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी निकोलस कीनन के साथ रिलेशनशिप में हैं और अगले साल स्पेन में शादी की योजना बना रहे हैं।  उन्होंने कहा,
“यह जीत समावेशिता की है, प्रवासियों को निशाना बनाने के बजाय समस्याओं का समाधान करने की है।”
वे 2017 में सांसद बने, 2018 से D66 पार्टी के प्रमुख बनाए गए। साल 2022 से 2024 तक ऊर्जा एवं जलवायु मंत्री भी रहे।
अपने जीवनसाथी निकोलस कीनन के साथ नीदरलैंड्स से युवा पीएम बनने वाले रॉब जेटेन

अपने जीवनसाथी निकोलस कीनन के साथ नीदरलैंड्स से युवा पीएम बनने वाले रॉब जेटेन (साभार – फेसबुक)

दक्षिणपंथी नेता ने हार स्वीकारी
यह जीत नीदरलैंड्स के दक्षिणपंथी नेता जियर्ट विल्डर्स की फ्रीडम पार्टी (PVV) के लिए झटका है, जो 2023 में रिकॉर्ड 37 सीटें जीतने के बाद अब सिर्फ 26 पर सिमट गई।
वोटिंग के 98% परिणाम आने के बाद विल्डर्स ने हार स्वीकार करते हुए कहा, “हम अगली सरकार का हिस्सा नहीं होंगे। दरअसल इस साल जून में  विल्डर्स ने कड़े शरणार्थी नियमों को लेकर गठबंधन छोड़ दिया था, जिसके चलते नीदरलैंड्स में सरकार गिर गई और दोबारा चुनाव कराए गए। 
एग्जिट पोल के बाद खुशी मनाते

एग्जिट पोल के बाद खुशी मनाते रॉब जेटेन व अन्य।

लिबरल पार्टी ने सीटें तिगुनी कर लीं
एम्स्टर्डम जैसे शहरी इलाकों में युवा मतदाताओं ने सेंट्रिस्ट नीतियों को प्राथमिकता दी। D66 ने अपनी सीटें तिगुनी कर लीं। इस पार्टी ने आवास, शिक्षा और प्रवास पर संतुलित दृष्टिकोण पर आधारित चुनावी प्रचार किया। पार्टी ने वादा किया कि प्रवास चिंताओं को हल किया जाएगा लेकिन नफरत की राजनीति को जगह नहीं मिलेगी।
गठबंधन बनाने पर सहमति
सरकार बनाने के लिए इनकी पार्टी को गठबंधन करके 76 सीटें चाहिए होंगी। D66 के पास 26 सीटे हैं, उसके सहयोगी दल VVD (22), CDA (18) और ग्रीन्स-लेबर (20) का संभावित गठबंधन बन सकता है। सभी प्रमुख दल विल्डर्स के साथ गठजोड़ से इनकार कर चुके हैं।
दक्षिणपंथ के पतन का संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि यह यूरोप में दक्षिणपंथ के पतन का संकेत है, जहां फ्रांस-जर्मनी में भी समान लहर दिख रही है। जेटेन की सरकार जलवायु, आवास और प्रवास पर फोकस करेगी, जो नीदरलैंड्स को अधिक उदार बनाएगी।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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