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अमेरिका बोला- ‘चीन को ईरान का तेल नहीं लेने देंगे’, एक चीनी टैंक लौटाने का दावा

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नई दिल्ली | अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि “चीन के जहाजों को हॉर्मुज से गुजरकर ईरान का तेल लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”

पत्रकारों से बात करते हुए बेसेंट ने साफ कहा कि “अमेरिका की कार्रवाई का मकसद यही है कि चीन इस अहम समुद्री रास्ते के जरिए ईरान का कच्चा तेल न ले सके।”

उधर, खबर आई है कि चीन के स्वामित्व वाला एक टैंकर ‘रिच स्टार्री’ इस अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने में नाकाम रहा। और उसे वापस होर्मुज स्ट्रेट की ओर लौटना पड़ा।

शिपिंग डेटा के अनुसार, यह टैंकर ओमान की खाड़ी से निकलने के बाद फिर से वापस लौट आया। इस पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं।

दूसरी ओर, ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा है कि “हालिया तनाव उनकी अगली महीने होने जा रही बीजिंग यात्रा पर असर नहीं डालेगा।”

‘चीनी जासूसी सैटेलाइट का ईरान में इस्तेमाल’

इस बीच ब्रिटिश अखबार ने दावा किया है कि ईरान चीनी जासूसी सैटेलाइट का इस्तेमाल करके अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर पाया है।

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि “ईरान ने इस सैटेलाइट के जरिए मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।”

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने 2024 के अंत में चीन से TEE-01B सैटेलाइट हासिल किया था।

चीन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें भ्रामक बताया है।

चीनी विदेश मंत्रालय- “कोई सैन्य मदद नहीं दे रहे”

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मीडिया में जो खबरें चल रही हैं वे पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं। चीन का कहना है कि वह हथियारों के निर्यात को लेकर सख्त नियमों का पालन करता है और किसी भी संघर्ष को बढ़ावा नहीं देता।

चीन में रूस ने कहा- ‘ये सब अमेरिका आक्रामकता का नतीज़ा’

चीनी दौरे पर पहुंचे रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि “ईरान की प्रतिक्रिया अमेरिकी आक्रामकता का नतीजा है और इसका हल बातचीत से ही संभव है।”

उन्होंने यह भी कहा कि “खाड़ी के अरब देश भी मानते हैं कि अगर अमेरिका की ओर से आक्रामक कदम नहीं उठाए जाते, तो ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की स्थिति में नहीं आता।”

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