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चुनावी डायरी

सांसद पप्पू यादव ने नीतीश कुमार को दे दिया पाला बदलने का खुला ऑफर

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पप्पू यादव ने कांग्रेस की ओर से नीतीश कुमार को ऑफर किया।
  • कांग्रेस समर्थित निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा- नीतीश कुमार को कांग्रेस में ही सम्मान मिलेगा।
  • बोले- बीजेपी ने चिराग पासवान के साथ मिलकर नीतीश कुमार को अलग-थलग करने का प्लान बनाया है।

 

पटना | हमारे संवाददाता

कांग्रेस समर्थित निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने नीतीश कुमार को फिर से पार्टी बदलने का ऑफर दे दिया है। पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव के बाद नीतीश जी NDA के साथ रहने वाले नहीं हैं, उन्हें सिर्फ कांग्रेस ही सम्मान देगी।

पटना में पप्पू यादव से जब पूछा गया कि क्या महागठबंधन एकजुट है? इस पर पप्पू यादव ने कहा कि जनता ही एकजुट है, वो सबको एकजुट कर देगी। फिर उनसे सवाल हुआ कि पटना से दिल्ली तक 12 राउंड बैठकों के बाद भी सीट बंटवारा नहीं हो पाया, इसके लिए आप किसे जिम्मेदारी मानते हैं? इस पर पप्पू यादव ने बाद बदल दी और कहा कि

“बीजेपी की चिराग पासवान के साथ जो जुगलबंदी चल रही है, नीतीश जी के साथ कोई संयुक्त प्रचार नहीं हुआ है। आपको क्या लगता है कि चुनाव के बाद नीतीश जी इन लोगों के साथ रहने वाले हैं? इस पर उसने पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार NDA छोडे़ेंगे, वे बोले कि नीतीश कुमार जी को कांग्रेस ही सम्मान दे सकती है।”

कांग्रेस की ओर से किसी बड़े नेता के अब तक प्रचार के लिए न उतरने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ‘राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की बिहार में चुनावी सभा छठ के बाद होगी।’

 

चिराग को अपनी सीटें दिए जाने से नाराज नीतीश के पटलने की चर्चा चली थी

एक सप्ताह पहले NDA की ओर से सीट बंटवारे का ऐलान होने के बाद नीतीश कुमार नौ सीटों को लेकर बीजेपी से नाराज थे। बीजेपी ने कुछ ऐसी सीटें चिराग पासवान की लोजपा(रामविलास) को दे दी थीं जो पारंपरिक रूप से जदयू की मानी जाती हैं।

इसके बाद नीतीश कुमार के करीबी की मुलाकात राजद नेता से हुई और तब ये खबरें उठी थीं कि नीतीश महागठबंधन में जा सकते हैं। हालांकि बीजेपी ने डैमेज कंट्रोल करते हुए कुछ सीटें वापस कर दी थीं।

तब भी यही चर्चा थी कि बीजेपी चिराग पासवान को जदयू की सीटें जिताकर चुनाव के बाद नीतीश कुमार को साइडलाइन करने की रणनीति अपना रही है। हालांकि इस मामले में आधिकारिक तौर पर किसी ने बयान नहीं दिया।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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