चुनावी डायरी
बिहार की इस एसेंबली सीट पर महागठबंधन और NDA ने उतारे दो-दो प्रत्याशी
- खगड़िया की बेलदौर विधानसभा सीट पर फ्रेंडली फाइट।
- महागठबंधन ने कांग्रेस और IIP को टिकट दिया।
- NDA ने जदयू और RLJP के प्रत्याशियों को उतारा।
खगड़िया | मो. जावेद
बिहार में एक ऐसी भी विधानसभा सीट भी है जहां से महागठबंधन ही नहीं NDA ने भी दो-दो प्रत्याशी उतार दिए हैं। ऐसे में इन प्रत्याशियों का सिरदर्द अपने ही सहयोगी दल के कंडिडेट से फ्रेंडली फाइट करना बन गया है। साथ ही उन्हें डर है कि कहीं इस तरह उनके वोटर न बंट जाएं।
खगड़िया जिले की बेलदौर सीट पर ऐसा ही हाल है।
यहां महागठबंधन ने कांग्रेस से मिथिलेश निषाद को टिकट दिया है जिनके ऊपर 25 साल से जीत रहे निवर्तमान जदयू विधायक पन्ना लाल पटेल को हराने का दारोमदार है। पन्ना लाल ने लंबे समय से इस क्षेत्र को अपने प्रभाव में रखा है। बीते अगस्त में वयोवृद्ध विधायक ने स्थानीय मीडिया से कहा था कि इस बार वे खुद चुनाव न लड़कर बेटे को लगाएंगे पर फिर खुद ही चुनाव में उतर गए हैं।

जदयू ने NDA प्रत्याशी के तौर पर पन्ना लाल को छठवीं बार टिकट दिया है। (फोटो – पन्ना लाल का फेसबुक पेज)
पर कांग्रेस के लिए सिरदर्द महागठबंधन का नया सहयोगी दल IIP बन गया है जिसने यहीं से एक प्रत्याशी को उतारा है। इसी तरह NDA ने जदयू और लोकजन शक्ति पार्टी के प्रत्याशी को भी बेलदौर से ही टिकट दे दिया है। ऐसे में दोनों ओर से गठबंधन दलों को समर्थन करने वाले आम वोटरों में सशंय की स्थिति बनी हुई है कि वे किसे वोट दें।
दरअसल, महागठबंधन में सातवें सहयोगी दल के रूप मेें एक नई पार्टी IIP यानी Indian Inclusive Party जुड़ी है। नई पार्टी होने के बाद भी इसे पूरे बिहार में तीन सीटें महागठबंधन से मिली हैं जिसमें बेलदौर भी शामिल है।
IIP ने बेलदौर प्रत्याशी तनीषा चौहान भी राजनीतिक परिवार से हैं, इनके पिता मुखिया रह चुके हैं। तनीषा ने स्थानीय मीडिया से कहा कि वे ही महागठबंधन की ‘असली’ प्रत्याशी हैं, उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है वो पहले लोजपा में थे, वे सही उम्मीदवार नहीं हैं क्योंकि पहले NDA में रह चुके हैं।

मनीषा चौहान को आईआईपी पार्टी से महागठबंधन की प्रत्याशी के रूप में टिकट दिया गया है। (फोटो टीम बोलते पन्ने)
बीते 25 साल से जदयू के टिकट पर जीत रहे निवर्तमान विधायक पन्ना लाल पटेल को उसने दोबारा लड़ाया है।
दूसरी ओर, रामविलास पासवान के भाई पारसनाथ वाली ‘राष्ट्रीय लोकजनशक्ति पार्टी’ (RLJP) को भी NDA ने टिकट दिया है।
उनकी ओर से सुनीता शर्मा लड़ रही हैं जो 2005 में लोजपा की ओर से विधायक बनी थीं।

राष्ट्र लोक जनशक्ति पार्टी की महिला उम्मीदवार सुनीता शर्मा को NDA उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया है। (फोटो टीम बोलते पन्ने)
हालांकि तब रामविलास पासवान ने राजद-जदयू में से किसी दल का समर्थन नहीं किया था, जिससे बिहार में राष्ट्रपति शासन लग गया और दोबारा चुनाव हुए, जिसके बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने और लगातार 20 साल से सीएम हैं।
इसके अलावा, इस सीट से जनसुराज के गजेंद्र सिंह निषाद को टिकट मिला है जो इलाके में विकल्प के तौर पर लोगों से वोट मांग रहे हैं।



