Connect with us

चुनावी डायरी

बिहार SIR: फाइनल Voter List जारी, 69.29 लाख लोगों के नाम कटे

Published

on

वोटर लिस्ट रिवीजन की प्रक्रिया के दौरान कर्मी। (फाइल फो
  • चुनाव आयोग ने बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की फाइनल लिस्ट मंगलवार को जारी कर दी।

नई दिल्ली |

चुनाव आयोग ने बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की फाइनल लिस्ट मंगलवार को जारी कर दी है। बिहार में अब कुल वोटर्स की संख्या 7.42 करोड़ हो गई है।

फाइनल लिस्ट से 69.29 लाख लोगों के नाम कटे हैं जो पहले बिहार के वोटर थे।

साथ ही, सूची में 21.53 लाख नए वोटरों के नामों को जोड़ा गया है।

चुनाव आयोग ने बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की फाइनल लिस्ट मंगलवार को जारी कर दी है।

चुनाव आयोग की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में दी जानकारी।

चुनाव आयोग की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में दी जानकारी। (क्रेडिट – चुनाव आयोग) 

पहले ड्राफ्ट में कटे 17 लाख वोटर दोबारा जोड़े

SIR से पहले जून 2025 में बिहार में कुल 7.89 करोड़ वोटर्स थे। पहली ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद ये आंकड़ा 7.24 करोड़ हो गया है। इसमें 65.63 लाख लोगों के नाम कटे थे।

पहले ड्राफ्ट लिस्ट से जो 65 लाख नाम कटे थे, उसमें 17 लाख नामों को लिस्ट में जोड़ा गया है।

 

6.85 लाख के नाम दो बार जुड़े मिले

नई लिस्ट में 22.34 लाख लोग मृत पाए गए हैं। 6.85 लाख लोगों के 2 जगह नाम मिले हैं। 36.44 लाख लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं।

बिहार में अब कुल वोटर्स की संख्या 7.42 करोड़ हो गई है। फाइनल लिस्ट से 69.29 लाख नाम कटे हैं। 21.53 लाख नए नामों को जोड़ा गया है।

SIR से पहले जून 2025 में बिहार में कुल 7.89 करोड़ वोटर्स थे। पहली ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद ये आंकड़ा 7.24 करोड़ हो गया है। इसमें 65.63 लाख लोगों के नाम कटे थे। पहले ड्राफ्ट लिस्ट से जो 65 लाख नाम कटे थे, उसमें 17 लाख नामों को लिस्ट में जोड़ा गया है।

नई लिस्ट में 22.34 लाख लोग मृत पाए गए हैं। 6.85 लाख लोगों के 2 जगह नाम मिले हैं। 36.44 लाख लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।