Connect with us

लाइव पन्ना

CJI गवई की मां के RSS विजयादशमी में जाने का विवाद बढ़ा तो ‘फैसला’ बदला

Published

on

पहलगाम हमने की न्यायिक जांच कराने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट के प्रधान मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई की मां के RSS के विजयादशमी समारोह में मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर विवाद हुआ।

नई दिल्ली |

मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई की मां और सामाजिक कार्यकर्ता कमल ताई गवई को नागपुर में 5 अक्तूबर को होने जा रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विजयादशमी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनाया जाना था। पर विवाद के बाद उन्होंने फैसला वापस ले लिया है।

इसको लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई क्योंकि इस बार की विजयादशमी पर संघ अपने 100 वर्ष पूरे होने की ओर बढ़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई (फोटो - sci.gov.in)

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई (फोटो – sci.gov.in)

जब विवाद ज्यादा बढ़ा और CJI भी इसके घेरे में आने लगे तो उनकी मां ने कार्यक्रम में न जाने का मन बना लिया है। उनके भाई ने द हिन्दू को बताया कि मां इस विवाद से दुखी हैं और अभी उन्होंने यह निर्णय नहीं लिया है कि वे उसमें जाएंगी या नहीं।

CJI के भाई बोले- इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

स्थानीय मीडिया से बात करते हुए CJI गवई के भाई व भारतीय रिपब्लिकन पार्टी (आठवले) के नेता राजेंद्र गवई ने कहा था कि उनकी मां के RSS के कार्यक्रम में जाने पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने 30 सितंबर को कहा, “हमारा परिवार पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर हमेशा रिश्ते बनाता रहा है। यह आमंत्रण वैचारिक नहीं, व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर है।”

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।