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Breaking News : शराब घोटाला केस में अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया बरी, CBI कोर्ट बोली- आरोप साबित नहीं

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अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को लंबे समय तक ऐसे केस में जेल में रहना पड़ा जो झूठा साबित हुआ है।
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को लंबे समय तक ऐसे केस में जेल में रहना पड़ा जो झूठा साबित हुआ है।
  • दिल्ली की शराब नीति को घोटाला बताते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों ने केस दर्ज किया था।

नई दिल्ली|

शराब घोटाला केस में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश देते हुए कहा कि इनके खिलाफ शराब घोटाले से जुड़े आरोप साबित नहीं हुए क्योंकि इसको लेकर कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

बता दें कि मनीष सिसोदिया उस वक्त दिल्ली के आबकारी मंत्री भी थे और उन्हें सबसे पहले इस कथित घोटाले में जेल भेजा गया था। यह वही कथित घोटाला है, जिसके चलते दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को जेल से सरकार चलानी पड़ी थी। फिर बाद में उनकी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव हार गई थी। इस हार के पीछे शराब घोटाले के चलते केजरीवाल के खिलाफ बनी पब्लिक ओपीनियन को बड़ी वजह माना जाता है।

बता दें कि शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ ED और CBI दोनों जांच एजेंसियों ने केस दर्ज किया था। ED ने उन्हें 21 मार्च, 2024 को अरेस्ट किया था। इसके बाद 26 जून को CBI ने जेल से ही उन्हें हिरासत में ले लिया था। ED मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से 12 जुलाई, 2024 को जमानत मिली थी।

दूसरी ओर, तत्कालीन आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया को इस केस के चलते करीब 530 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था। दिल्ली के शिक्षा मंत्री के तौर पर बनी उनकी छवि को इस कथित घोटाले ने काफी नुकसान पहुंचाया।

भावुक हुए केजरीवाल, सिसोदिया बोले- हम कट्टर ईमानदार

इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए और बोले कि साबित हो गया कि हमारे ऊपर लगाया गया इल्जाम फर्जी था। उनके साथी व सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं।’ इस मामले में आज शाम चार बजे अरविंद केजरीवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

फैसले के खिलाफ CBI जाएगी हाईकोर्ट

समाचार एजेंसी ANI ने सोर्स के आधार पर दावा किया है कि राऊज एवेन्यू कोर्ट में चले केस में हार के बाद CBI ने हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है।

शराब नीति पर क्या आरोप लगे जो फर्जी निकले?

  • दिल्ली शराब नीति (2021-22) का उद्देश्य निजी फर्मों और उद्यम कंपनियों को खुदरा शराब क्षेत्र में लाना था। केजरीवाल सरकार का कहना था कि इसके जरिए उत्पाद शुल्क और खुदरा शराब क्षेत्र में सुधार होगा, यह भी कहा गया कि इससे राजस्व में 9,500 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।  
  • इसको लेकर तत्कालीन विपक्षी दल कांग्रेस व भाजपा ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और इसे ‘शराब घोटाला’ कहा था। आप पर आरोप लगा कि इस नीति के जरिए लाइसेंस शुल्क में छूट और कमी करके निजी क्षेत्र के मालिकों और शेयरधारकों को लाभ पहुंचाया गया।  
  • नीति लागू होने के बाद, इसमें “कई करोड़ के घोटाले” के आरोप लगाते हुए कई शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से एक शिकायत जून 2022 में दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई।
  • जुलाई 2022 में दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने शराब नीति के निर्माण में प्रक्रियात्मक उल्लंघनों की रिपोर्ट सक्सेना को सौंपी, जिन्होंने सीबीआई जांच की सिफारिश की।
  • इन कथित उल्लंघनों में विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों की अनदेखी और नीति के कार्यान्वयन में उपराज्यपाल की भूमिका को दरकिनार करना शामिल था। इस रिपोर्ट में सरकारी खजाने को 580 करोड़ रुपये तक के नुकसान का आरोप लगाया गया था।
  • प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक अन्य जांच में आरोप लगाया गया कि शराब नीति, शराब थोक विक्रेताओं को 12% का गारंटीकृत लाभ मार्जिन देगी, जिसके बदले में आम आदमी पार्टी के मंत्रियों को 6% रिश्वत दी जाएगी।
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जनहित में जारी

बिहार : गाेपालगंज में बेटे ने 100 रुपये के लिए मां का गला रेता

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गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र उसरी बिनटोली में घटना की जानकारी देते मृतका के पति गणेश रावत। (गाेपालगंज संवाददाता )
गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र उसरी बिनटोली में घटना की जानकारी देते मृतका के पति गणेश रावत। (गाेपालगंज संवाददाता )
  • नशे में आया था आरोपी, रुपये न देने पर कर दी हत्या  
  • वारदात के बाद गुस्साए लोगों ने जमकर पीटा, गिरफ्तार
  • नशे का आदी है आरोपी और दो पत्नियां उसे छोड़ चुकीं

 

गोपालगंज | आलोक कुमार 

बिहार में शराबबंदी लागू करते हुए सरकार का मानना था कि इससे महिला हिंसा में कमी आएगी पर राज्य में हर रोज होने वाली घटनाएं बताती हैं कि न तो शराब बंदी ठीक से लागू है और न ही शराबबंदी अकेले घरेलू हिंसा रोकने में मददगार है।

दरअसल गोपालगंज जिले में नशे में घर पहुंचे एक जवान बेटे ने केवल 100 रुपये के लिए अपनी मां की गला रेतकर हत्या कर दी है। अपनी मां को मार डालने वाला आरोपी पकड़ लिया गया है, वह पहले भी हिंसा करता रहा है। गांव वालो का कहना है कि उसके इस व्यवहार के चलते ही उसकी दो शादियां हुईं पर एक भी रिश्ता नहीं चल पाया। अब बीते 22 फरवरी को भी इस व्यक्ति ने अपनी मां को मार डाला।

गांव वालो ने पीटकर पुलिस को सौंपा

आरोपी रामभरोस रावत। (गाेपालगंज संवाददाता )

आरोपी रामभरोसे रावत को जमकर हुई पिटाई के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया। (गाेपालगंज संवाददाता )

यह वारदात गाेपालगंज जिले की है, वहां के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र उसरी बिनटोली में रविवार शाम (22 Feb) को यह घटना हुई। हमले के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपी को जमकर पीटा और पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने आरोपी रामभरोसे रावत को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान सुमित्रा देवी (55) के रूप में हुई है।

वारदात के समय अकेली थी मां

मृतका के पति गणेश रावत ने बताया, उनका बेटा शराब पीकर घर आया था, उस समय घर पर उनकी पत्नी अकेली थी। जबकि वे घर के बाहर काम कर रहे थे। पिता का कहना है कि बेटा बार-बार सौ रूपये मांग रहा था जो उनकी पत्नी के पास नहीं थे। इस पर गुस्साए बेटे ने वहीं पर रखे धारदार हथियार से मां का गला रेत दिया। मौके पर पत्नी चीखीं तो आसपास के लोग जुटे। उनके बेटे ने मां को मारकर भागने की कोशिश की तब सबने पकड़कर उसको खूब पीटा और पुलिस को बुलाकर उन्हें सौंप दिया।

आरोपी से पूछताछ जारी, धारधार हथियार बरामद

घटना की जानकारी देते सदर एसडीपीओ 2 राजेश कुमार।  (गाेपालगंज संवाददाता )

घटना की जानकारी देते सदर एसडीपीओ 2 राजेश कुमार।  (गाेपालगंज संवाददाता )

इस मामले में सदर एसडीपीओ-2 राजेश कुमार ने बताया कि आरोपी रामभरोसे रावत को गिरफ्तार करके महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए मॉडल अस्पताल भेज दिया है। आरोपी घायल है इसलिए उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, उससे पूछताछ की जा रही है, आगे जेल भेजा जाएगा।

 

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बिहार के छपरा में हत्या के चश्मदीद बुजुर्ग गवाह को मार डाला

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प्रतीकात्मक
प्रतीकात्मक फोटो
  • धारदार हथियार से 70 वर्षीय बिंदेश्वरी राय की निर्मम हत्या
  • घर से करीब छह किलोमीटर दूर खेत में बरामद हुआ शव
  • भतीजे की हत्या के चश्मदीद गवाह थे राय, मिल रही थी धमकियां

पटना |

बिहार (Bihar) के छपरा जिले में अपराधियों ने भतीजे की हत्या के चश्मदीद गवाह एक बुजुर्ग व्यक्ति की धारदार हथियार से निर्मम हत्या (Murder) कर दी। मृतक का शव रविवार (22 feb) को घर से करीब छह किलोमीटर दूर खेत में बरामद किया गया। इस वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।

मृतक की पहचान सारण जिले के अवतार नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नया टोला हराजी गांव निवासी 70 वर्षीय बिंदेश्वरी राय के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बिंदेश्वरी राय साइकिल से अपने खेत गए थे और लौटते समय अचानक लापता हो गए। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला। बाद में घर से करीब छह किलोमीटर दूर सोबरना दियारा क्षेत्र में उनका लहूलुहान शव बरामद हुआ।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और स्थानीय थाने की पुलिस को जानकारी दी। अवतार नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया। सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने एएसपी राम पुकार सिंह को जांच का निर्देश दिया। एएसपी ने पोस्टमार्टम कक्ष पहुंचकर परिजनों से विस्तृत जानकारी ली। वहीं, एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, जहां से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।

क्या है मामला

मृतक के परिजनों ने बताया कि बीते वर्ष बिंदेश्वरी राय के भतीजे बबलू कुमार राय की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में डोरीगंज क्षेत्र के कुछ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। आरोप है कि बिंदेश्वरी राय उस हत्या के चश्मदीद गवाह थे और उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। परिजनों का दावा है कि इसी रंजिश में अपराधियों ने उन्हें अगवा कर हत्या कर दी और शव को सोबरना दियारा में फेंक दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मृतक की साइकिल भी अब तक बरामद नहीं हुई है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
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Namo Bharat Train : भारत की पहली रीजनल रैपिड रेल शुरू, मेरठ से घंटेभर में दिल्ली पहुंचाएगी

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By Ravi Dwivedi - Own work, CC BY-SA 4.0, Link
मेरठ साउथ RRTS स्टेशन पर खड़ी नमो भारत RRTS रेल (फाइल फोटो, साभार विकिमीडिया)
  • प्रधानमंत्री मोदी ने नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर का शुभारंभ किया।
  • 82 किलोमीटर दूरी वाले शहर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र पहुंचना आसान होगा।

नई दिल्ली |

भारत के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के तहत नमो भारत ट्रेन (Namo Bharat Rapid Rail) की शुरूआत हो गई है। यूपी के मेरठ से दिल्ली के लिए नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर (RRTS) का शुभारंभ पीएम मोदी ने रविवार (22 feb) को किया।

यह 82.15 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर है, जो पश्चिमी यूपी से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की पहुंच को सुगम कर देगा। दिल्ली से मेरठ तक का सफर 58 मिनट में पूरा होगा।

यह भारत का पहला रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) है, जो दिल्ली को मेरठ से जोड़ता है। ये ट्रेनें 180 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं, जो देश की सबसे तेज ट्रेनों में से एक है।

यह उद्घाटन केंद्र सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का विस्तार किया जा रहा है। इसका मकसद यात्रा समय में कमी लाना, सड़कों पर भीड़भाड़ कम करना और पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन को बढ़ावा देना है।

सराय काले खां से मोदीपुरम तक चलेगी

यह कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर गाजियाबाद, साहिबाबाद, मुरादनगर, मेरठ होते हुए मोदीपुरम तक जाता है। इससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में तेज, सुगम और सुरक्षित यात्रा संभव हो गई है। इसके साथ ही, मेरठ मेट्रो का भी शुभारंभ हुआ, जिससे स्थानीय स्तर पर आवागमन आसान होगा।

90 किमी/घंटा की औसत गति से चलेगी

नमो भारत ट्रेनें शहरों के बीच क्षेत्रीय यात्रा के लिए विशेष रूप से बनाई गई हैं। इनकी अधिकतम डिज़ाइन गति 180 किमी/घंटा (design speed) है, परिचालन में अधिकतम गति (operational speed) 160 किमी/घंटा और औसत गति (average speed) करीब 90 किमी/घंटा रहती है। यह सेवा दिल्ली को गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे महत्वपूर्ण शहरों से जोड़ती है, जिसमें स्टॉप्स की संख्या कम है और यात्रा समय काफी कम होता है।

पीएम ने नमो रेल से सफर किया

कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हिस्सा लिया। मेट्रो यात्रा के दौरान उन्होंने विद्यार्थयों से बात की और नई कनेक्टिविटी के फायदों पर चर्चा की।

मेरठ मेट्रो और नमो ट्रेन के बीच कनेक्टिविटी

रविवार को शुरू हुई मेरठ मेट्रो 23 किमी लंबी है। यह शहर के भीतर चलेगी और मेरठ सेक्शन में नमो भारत रैपिड रेल के साथ ट्रैक व बुनियादी ढांचा साझा करेगी। इससे यात्रियों को बिना स्टेशन से बाहर निकले दोनों सेवाओं के बीच आसानी से बदलाव करने का विकल्प मिलेगा।

 

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