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SIR date extension : आखिरकार SIR के लिए डेडलाइन बढ़ाई गई… यूपी को राहत, प. बंगाल को नहीं

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SIR की प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी।
  • 5 राज्यों व एक केंद्रशासित प्रदेश के लिए SIR प्रक्रिया पूरी करने के लिए समयावधि बढ़ा दी गई है।
नई दिल्ली |
चुनाव आयोग ने SIR प्रकिया पूरी करने की तारीख को बढ़ाने का ऐलान किया है। यह फैसला पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए राहत लेकर आया है, जहां मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया में देरी हो रही थी। उत्तर प्रदेश ने दो हफ्ते की एक्सटेंशन की मांग की गई थी, जो स्वीकार कर ली गई। चुनाव आयोग का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि कोई वैध वोटर, इलेक्टोरल रोल में जुड़ने से छूट न जाए।  
बता दें कि SIR के तहत मतदाता सूची को शुद्ध करने की गहन समीक्षा की जा रही है, जिसके तहत नए वोटरों का पंजीकरण, डुप्लिकेट एंट्री हटाना और फॉर्म सबमिशन शामिल है। इस पूरे काम की डेडलाइन 11 दिसंबर तय की गई थी पर अब चुनाव आयोग ने इसे बढ़ा दिया है।  

यूपी को बड़ी राहत : 26 दिसंबर तक फॉर्म जमा कर सकेंगे

  • उत्तर प्रदेश: 26 दिसंबर को फॉर्म सबमिशन, 31 दिसंबर को ड्राफ्ट पब्लिकेशन होगा।  
  • मध्य प्रदेश: 18 दिसंबर को फॉर्म सबमिशन, 23 दिसंबर को ड्राफ्ट पब्लिकेशन होगा।
  • छत्तीसगढ़ : 18 दिसंबर को फॉर्म सबमिशन, 23 दिसंबर को ड्राफ्ट पब्लिकेशन होगा।
  • केरल: 18 दिसंबर को फॉर्म सबमिशन, 23 दिसंबर को ड्राफ्ट पब्लिकेशन होगा।
  • अंडमान एंड निकोबार : 18 दिसंबर को फॉर्म सबमिशन, 23 दिसंबर को ड्राफ्ट पब्लिकेशन होगा।
  • तमिलनाडु : 14 दिसंबर को फॉर्म सबमिशन, 19 दिसंबर को ड्राफ्ट पब्लिकेशन होगा।  
  • गुजरात: 14 दिसंबर को फॉर्म सबमिशन, 19 दिसंबर को ड्राफ्ट पब्लिकेशन होगा।  

(Note – केरल की समयसीमा पहले ही संशोधित हो चुकी थी।)

प. बंगाल समेत 5 राज्यों में SIR आज पूरा हो रहा
पश्चिम बंगाल, गोवा, गुजरात, लक्षद्वीप और राजस्थान की SIR फॉर्म सबमिट करने की तारीख आज (11 dec) को खत्म हो गई है। इन राज्यों में ड्राफ्ट लिस्ट 23 दिसंबर को प्रकाशित होगी।  इन राज्यों में तारीख न बढ़ाने का कारण यह है कि यहां समय से SIR की प्रक्रिया पूरी हो गई है। 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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