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SIR : बिहार के बाद अब UP समेत 12 राज्यों में वोटर लिस्ट की जांच का ऐलान

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चुनाव आयोग ने 12 राज्य व UT में SIR कराने का ऐलान किया।

2026 में विधानसभा चुनाव वाले पांच राज्यों में सबसे पहले होगा।

जहां निकाय चुनाव चल रहे हैं, उन राज्यों में बाद में होगी वोटर जांच।

 

नई दिल्ली |

बिहार के बाद अब यूपी, MP, छत्तीसगढ़, राजस्थान समेत 12 राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट की गहन जांच का ऐलान हुआ है। चुनाव आयोग ने 27 अक्तूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसकी घोषणा कर दी है।

special intensive revision यानी SIR नाम से जानी जाने वाली इस प्रक्रिया के तहत सभी नागरिकों को वोटर लिस्ट में अपने नाम को वैलिड डॉक्युमेंट देकर वेरिफाई करवाना होगा।

नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार

नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बिहार में हुई SIR को पैन इंडिया SIR का ‘पहला फेज़’ बताया और कहा कि पहले चरण का काम पूरा हो चुका है।

 

इन 12 राज्यों में होगी SIR

अब दूसरे चरण में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR करायी जाएगी। इसमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

 

 

वोटिंग के लिए लाइन में लगीं महिलाएं (फाइल फोटो, साभार इंटरनेट)

वोटिंग के लिए लाइन में लगीं महिलाएं (फाइल फोटो, साभार इंटरनेट)

चुनावी 5 राज्यों को प्राथमिकता

आपको बता दें कि अगले साल देश के पांच राज्यों असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल व प. बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं, इन सभी राज्यों को SIR में प्राथमिकता दी जाएगी। चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया से चुनाव से पहले वोटर लिस्ट से डुप्लीकेट नाम, दूसरी जगह शिफ्ट हो गए या मृत वोटरों के नाम हटाकर इसे शुद्ध किया जा सकेगा।

 

ये डॉक्यूमेंट वैलिड माने जाएंगे 

SIR के लिए स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजों की सूची में पहचान पत्र, पेंशन पेमेंट ऑर्डर, पासपोर्ट, बोर्ड/यूनिवर्सिटी डिग्री, आवास प्रमाण पत्र, आधार समेत कई अन्य दस्तावेज शामिल हैं।

वहीं, आधार के बारे में ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि आधार नागरिकता, डोमिसाइल या जन्मतिथि का प्रमाण नहीं है, लेकिन एसआईआर में पहचान पत्र के रूप में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

फरवरी में जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट

  • प्रिंटिंग/ट्रेनिंग: 28 अक्तूबर से 3 नवंबर, 2025
  • घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटाना: 4 नवंबर से 4 दिसंबर, 2025
  • ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल जारी करने की तारीख: 9 दिसंबर, 2025
  • आपत्ति दर्ज कराने की अवधि: 9 दिसंबर, 2025 से 8 जनवरी, 2026
  • सुनवाई और सत्यापन: 9 दिसंबर, 2025 से 31 जनवरी, 2026
  • अंतिम इलेक्टोरल रोल जारी करने की तारीख: 7 फ़रवरी, 2026
तीन बार घर जाएंगे BLO

बीएलओ का काम होगा कि वे नए मतदाताओं को शामिल करने के लिए फॉर्म-6 भरवाएंगे। घोषणा पत्र इकट्ठा करेंगे और उनके मिलान/लिंकिंग में मदद करेंगे। साथ ही, मतदाता को नामांकन फॉर्म (ईएफ़) भरने में मदद करेंगे, इसे ऑनलाइन भी भरा जा सकेगा।

साथ ही, बीएलओ ऐसे मतदाताओं की पहचान करेंगे जो मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित हैं या एक से अधिक जगह पंजीकृत हैं।

 

बिहार SIR में लगा था वोट चोरी का आरोप 

बता दें कि बिहार में करायी गई SIR को लेकर राहुल गांधी ने वोट-चोरी का मुद्दा उठाया था, ये मामला अब भी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। बिहार में ये प्रक्रिया तीन महीने में पूरी कर ली गई थी। शुरूआती लिस्ट में 65 लाख वोटरों के नाम कटे थे, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चुनाव आयोग को आधार कार्ड को वैध दस्तावेज मानना पड़ा था।

SIR को लेकर चुनाव आयोग कहा है कि उन्होंने अपने निर्वाचन अधिकारियों को हिदायत दी है कि कोई भी पात्र नागरिक वोटर लिस्ट में जुड़ने से छूटना नहीं चाहिए।

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