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सीज़फायर खत्म होने से पहले दोबारा वार्ता के मेज़ पर लौट सकते हैं अमेरिका व ईरान
- संघर्ष विराम को खत्म होने में एक सप्ताह का समय बचा है।
नई दिल्ली | अमेरिका-ईरान के बीज सात अप्रैल को दो सप्ताह के लिए हुए सीज़फायर को खत्म होने में एक सप्ताह का समय बचा है। होर्मुज़ में अमेरिकी नाकेबंदी शुरू होने से तनाव बढ़ गया है लेकिन इस बीच अमेरिका और ईरान एक बार फिर कूटनीतिक मेज पर आमने-सामने आ सकते हैं।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
कतर के सरकारी प्रसारक ‘अल जजीरा’ के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान बातचीत के लिए ‘उत्सुक’ है। अमेरिकी न्यूज चैनल ‘फॉक्स न्यूज़’ पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी पुष्टि की कि एक ‘बड़ी डील’ की संभावना है। साथ ही कहा है कि इसको लेकर हो रही चर्चा आगे बढ़ी है।
समाचार एजेंसी ‘रॉयटर्स’ ने 11 सूत्रों के हवाले से बताया कि इस्लामाबाद टॉक्स के दौरान दोनों पक्षों के बीच भले तनावपूर्ण बातचीत हुई लेकिन दोनों के बीच संवाद का रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

इस्लामाबाद में ईरानी व अमेरिकी प्रतिनिधि शांतिवार्ता के लिए पहुंचे थे, पर बात नहीं बनी।
‘पाकिस्तान ने दोबारा वार्ता की पेशकश की’
एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने 21 अप्रैल को सीज़फायर खत्म होने से पहले इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है।
एपी से पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा है कि “दूसरे दौर की वार्ता दोनों पक्षों की सहमति और वार्ता से स्थान के चुनाव पर निर्भर करेगा।”
बता दें रविवार को बिना समझौते के समाप्त हुई ‘इस्लामाबाद टॉक्स’ के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा था कि “पाकिस्तान वाले दिनों में भी अमेरिका और ईरान के बीच इस संवाद को सुगम बनाने के लिए अपनी भूमिका निभाता रहेगा।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप व ईरानी सुप्रीम लीडर।
‘आमने-सामने की बैठक पर विचार’
वहीं, CNN ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि “ट्रंप प्रशासन के अधिकारी इन संभावनाओं पर आंतरिक रूप से चर्चा कर रहे हैं कि 21 अप्रैल को खत्म हो रहे सीज़फायर से पहले दोनों पक्षों के बीच एक और आमने-सामने की बैठक हो।”

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
यूरेनियम को लेकर दिए नए प्रस्ताव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के सामने एक प्रस्ताव रखा है कि उसके ऊपर 20 साल के लिए यूरेनियम संवर्धन की रोक से जुड़ी शर्त है।
हालांकि ईरान ने रोक को घटाकर 5 साल करने का जवाबी प्रस्ताव दिया है। रिपोर्ट्स का कहना है कि ईरान का काउंटर-प्रस्ताव खारिज कर दिया गया लेकिन इसे कूटनीतिक हलकों में बातचीत के जारी रहने के तौर पर देखा जा रहा है।

