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एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं पत्नी
- हेबियस कॉर्पस की याचिका दायर करके सोनम वांगचुक की मौजूदगी और स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी मांगी
नई दिल्ली |
लेह में हिंसक प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सशरीर अदालत के सामने लानेे से जुड़ी एक याचिका दायर की गई है।
प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी व कार्यकर्ता डॉ. गीतांजलि जे. आंग्मो ने सुप्रीम कोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर कर उनके तत्काल रिहाई की मांग की है।
वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिरासत में लिया था। उन्हें जोधपुर स्थानांतरित किया गया था।
डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके पति की स्थिति और हिरासत के आधार के बारे में जानकारी नहीं दी गई, और उनकी सेहत पर चिंता जताई।
सोनम वांगचुक की पत्नी का पक्ष:
डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि केंद्र सरकार वांगचुक की मौजूदगी और स्वास्थ्य की स्थिति स्पष्ट करे। 2 प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा, “मेरे पति ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी, और अब उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है।”
केंद्र सरकार का पक्ष:
केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन का दावा है कि वांगचुक की हिरासत आवश्यक थी, क्योंकि उनकी भूख हड़ताल और बयान 24 सितंबर को हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार थे। प्रशासन ने कहा कि वांगचुक ने सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को ठुकराया और भीड़ को भड़काया, जिसके कारण NSA लागू हुआ।

