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चुनावी डायरी

Bihar Election Final result : NDA ने 202 सीटों से शानदार जीत दर्ज की, महागठबंधन 35 सीटों पर सिमटी

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नई दिल्ली|

14 नवंबर की रात 11:30 बजे सभी चुनाव की काउंटिंग पूरी हो गई और फाइनल नतीजे जारी हो गए हैं। इसके मुताबिक, NDA 202 सीटें जीतकर बहुमत पा चुकी है।

महागठबंधन ने 35 सीटें ही जीती हैं।

अन्य दलों को 6 सीटें मिली हैं।

2020 में NDA की 125 सीटों के मुकाबले इस बार 202 सीटें हासिल करना उनकी रणनीति की सफलता को दिखाता है।

चुनाव आयोग के रात 11:30 बजे के आंकड़ों के हिसाब से सभी सीटों पर अंंतिम परिणाम घोषित हो गए।

चुनाव आयोग के रात 11:30 बजे के आंकड़ों के हिसाब से सभी सीटों पर अंंतिम परिणाम घोषित हो गए।

 

BJP सबसे बड़ी पार्टी

BJP ने 89 सीटें जीती हैं, पिछली बार उसे 74 सीटें मिली थीं। 85 सीटों के साथ जदयू दूसरे नंबर पर रही, 2020 में उसे 42 सीटे ही मिली थीं। 19 सीटें लाकर लोजपा (रामविलास) ने सबको चौंका दिया, पिछली बार यह 1 सीट जीत सकी थी।

इसके अलावा, HAMS ने 5 सीटें जीती हैं, पिछली बार इसे 4 सीटें मिली थीं। साथ ही, रालोमो ने 4 सीटें जीती हैं जबकि पिछली बार इसका खाता नहीं खुल सका था। 

 

RJD 25 सीटों पर सिमटी

 महागठबंधन में RJD को 25 सीटें मिलीं जबकि पिछली बार उसने 75 सीटें जीती थीं, यानी 50 सीटों का सीधा नुकसान हुआ है। कांग्रेस( INC) ने 6 सीटें ही जीतीं ये पिछली बार से 13 सीटें कम हैं।

महागठबंधन को एक बड़ा झटका CPI(ML) के न चलते से लगा, पिछली बार 12 सीटें मिली थीं पर इस पर सिर्फ दो जीत सकी है। महागठबंधन के सबसे नए दल IIP ने तीन सीटें लड़ीं जिसमें एक जीत ली है। जबकि CPI(M) ने भी मात्र एक सीट ही जीती जबकि 2020 के चुनाव में दो सीटें जीती थीं। 

 

AIMIM ने अपना प्रदर्शन बरकरार रखा

ओबैसी की पार्टी AIMIM ने पांच सीटें जीत लीं, इतनी ही सीटें उसे 2020 के चुनाव में भी मिली थीं। इस तरह उसने अपने प्रदर्शन को जारी रखा है।  ध्यान देने की बात यह है कि ओबैसी महागठबंधन में शामिल होना चाहते थे पर तेजस्वी यादव ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया था। अगर वे महागठबंधन का हिस्सा होते तो कम से कम ये गठबंधन 40 पर पहुंच जाता। 

 

BSP ने कड़े मुकाबले में एक सीट जीती

रामगढ़ सीट पर बसपा के सतीश यादव ने मात्र 30 वोटों के अंतर से बीजेपी के विधायक अशोक सिंह को हरा दिया। इस सीट पर मिली जीत से बसपा को एक सीट मिल गई, पिछली बार के विधानसभा चुनाव में भी उसने एक सीट जीती थी।

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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