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चर्चित निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट ने बरी किया, 19 साल बाद रिहाई का रास्ता साफ

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निठारी कांड के दोषी को सुप्रीम कोर्ट ने रिहा किया।
निठारी कांड के दोषी को सुप्रीम कोर्ट ने रिहा किया।
नई दिल्ली|
 सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नोएडा के चर्चित निठारी कांड से जुड़े एक मामले में सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया।
2005-06 में हुई इस हृदयविदारक घटना में 15 साल की एक लड़की की हत्या और रेप के मामले में कोली को फरवरी-2011 में सुप्रीम कोर्ट ने दोषी ठहराया था, लेकिन अब 19 साल बाद उन्हें अंतिम मामले में भी राहत मिली है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवाई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने कोली की क्यूरेटिव पिटीशन स्वीकार करते हुए उनकी दोषसिद्धि को रद्द कर दिया।
जस्टिस नाथ ने फैसले में कहा, “याचिकाकर्ता को सभी आरोपों से बरी किया जाता है और तुरंत रिहा किया जाए।”
बता दें कि 2006 में नोएडा के सेक्टर-31 के निठारी गांव में दर्जनों शव मिले थे, जिसने देश को हिला दिया था। कोली को मोनिंदर सिंह पंधेर का नौकर माना जाता था। 
12 मामलों में बरी किए जा चुके हैं कोली
यह फैसला इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा कोली को 12 अन्य मामलों में बरी किए जाने के बाद आया, जहां गंभीर प्रक्रियागत खामियों और सबूतों की कमी पाई गई थी।
कोली के वकील युग मोहित चौधरी ने पीटीआई को बताया, “19 साल पहले 13 मामलों में कोली को फांसी की सजा दी गई थी। 12 में वे पहले ही बरी हो चुके थे, और आज अंतिम मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने गलती मानी।”
चौधरी ने दावा किया कि सारे सबूत बनावटी थे और कोली को किसी बड़े व्यक्ति को बचाने के लिए फंसाया गया।
उन्होंने कहा, “एक भी ठोस सबूत नहीं था, जो सजा का आधार हो।”

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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