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चुनावी डायरी

महाराष्ट्र के IPS ने बिहार में विधायकी लड़ने का ऐलान क्यों किया?

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शुक्रवार को नामांकन दाखिल करेंगे पूर्व आईडी
शुक्रवार को नामांकन दाखिल करेंगे पूर्व आईडी
  • खाकी से खादी तक: पूर्व आईपीएस शिवदीप लांडे अब अररिया से राजनीति के मैदान में

अररिया | हमारे संवाददाता

महाराष्ट्र कैडर में 2006 बैच के पूर्व IPS अधिकारी शिवदीप वामनराव लांडे इस बार के बिहार विधानसभा चुनावों में उतरने जा रहे हैं। वे खाकी में रहकर बिहार के कई जिलों में काम कर चुके हैं और तब उन्हें ‘सुपर कॉप’ और ‘बिहार का सिंघम’ जैसे नाम मीडिया ने दिए थे। 
अब वे अपनी कर्मस्थली बिहार में एक नहीं दो-दो विधानसभा सीट जमालपुर और अररिया से निर्दलीय लड़ने जा रहे हैं। 13 अक्तूबर को दोनों सीटों के लिए सिक्योरिटी रसीद कटवाई, इसी सप्ताह वे नॉमिनेशन भरेंगे।   

 

जनसंपर्क के दौरान पूर्व आईपीएस

जनसंपर्क के दौरान पूर्व आईपीएस

कई जिलों में SP रहे, IG बनकर VRS लिया

दरअसल बिहार में पहली पोस्टिंग उन्हें मुंगेर जिले में ट्रेनी आईपीएस की मिली थी, यहीं की जमालपुर विधानसभा के लिए वे पर्चा भरेंगे। इसके बाद वे अररिया, पटना समेत कई जिलों में SP रहे और अपनी कार्यशैली से लोगों को प्रभावित किया। फिर कुछ साल उन्होंने दूसरे राज्य में सेवाएं दी और दोबारा सहरसा रेंज के डीआईजी बनकर लौटे। पिछले साल जब उन्होंने VRS लिया तो वे पूर्णिया के आईजी पद पर थे।
अपनी पार्टी बनाने की कोशिश में
उन्होंने अपना एक राजनीतिक संगठन ‘हिंद सेना’ बनाया पर चुनाव आयोग से रजिस्ट्रेशन न मिल पाने के चलते इस बार निर्दलीय लड़ने की घोषणा की है। गौरतलब है कि उनके ससुर महाराष्ट्र की शिवसेना पार्टी के नेता विजय शिवतारे हैं।
शिवदीप लांडे

पूर्व आईपीएस शिवदीप वामनराव लांडे

 

शिवदीप लांडे का कहना है कि “मैंने बिहार के सभी जिलों का दौरा किया। यहां राजनीतिक विकल्प की जरूरत है। बिहार मेरी कर्मभूमि है, वे यहां विकास करेंगे।” 
यह देखना रोचक होगा कि खाकी से खादी अपनाने जा रहे पूर्व आईपीएस को अररिया की जनता कितना अपना बनाती है, फिलहाल उनके जनसंपर्क ने इलाके में चर्चा पाई है। 

 

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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