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लालू यादव पर ‘नौकरी के बदले जमीन’ मामले पर क्रिमिनल केस चलेगा

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  • दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में ‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाले की सुनवाई,
  • IRCTC घोटाले में लालू-राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ आरोप तय
  • अदालत ने पूछा- आप आरोप स्वीकारेंगे, लालू बोले- आरोप गलत

नई दिल्ली |

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच RJD प्रमुख लालू यादव और तेजस्वी यादव पर अदालत का शिकंजा कस गया जो चुनाव में चुनौती बन सकता है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में ‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाले की सुनवाई ने हलचल मचाई। सोमवार (13 oct) को कोर्ट ने RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व CM राबड़ी देवी और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ IRCTC होलट घोटाले में आरोप तय किए।

ये मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है जब लालू यादव ने रेलमंत्री रहते हुए ‘नौकरी के बदले जमीन’ (land for job) लेने के आरोप लगे। तब आरोप लगा था कि लालू प्रसाद यादव ने कोचर बंधुओं को रांची और पुरी के दो होटल लीज पर दिलवाए, बदले में पटना में तीन एकड़ जमीन ली।

 

10 नवंबर को फैसला

इससे पहले लालू व्हील चेयर पर कोर्ट पहुंचे। राबड़ी और तेजस्वी भी उनके साथ थे। ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में आज फैसला टला। कोर्ट अब 10 नवंबर को फैसला सुनाएगा।

 

कोर्ट बोला- ‘लालू की जानकारी में टेंडर घोटाले की साजिश हुई’

कोर्ट ने कहा, लालू की जानकारी में टेंडर घोटाले की साजिश रची गई और उनकी दखलंदाजी थी। कोर्ट ने लालू यादव से कोर्ट ने पूछा- ‘क्या आप आरोप स्वीकार करते हैं? या ट्रायल का सामना करेंगे।’ लालू यादव ने कहा- ‘सभी आरोप गलत हैं।’

इस मामले में अदालत ने आपराधिक षडयंत्र, बेईमानी और भ्रष्टाचार के चार्ज लगाए हैं।

बता दें कि 25 अगस्त 2025 की सुनवाई में कोर्ट ने दलीलें और सबूत देखने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। अब आरोप तय होने से मामला फिर चर्चा में है।

 

अमित शाह ने चुनाव लड़ने लायक न छोड़ने की धमकी दी थी- तेजस्वी

तेजस्वी ने X पर पोस्ट कर BJP पर निशाना साधा: “जब तक BJP सत्ता में है, मैं लड़ता रहूंगा। तूफानों से लड़ने का मजा अलग है।” उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह पर तंज कसा, जो एक महीने पहले बिहार में कहा था, “तेजस्वी को चुनाव लड़ने लायक नहीं छोड़ेंगे।” तेजस्वी ने लिखा, “हम बिहारी हैं, बाहरी से नहीं डरते। जय बिहार, जय बिहारी!”

 

बोलते पन्ने.. एक कोशिश है क्लिष्ट सूचनाओं से जनहित की जानकारियां निकालकर हिन्दी के दर्शकों की आवाज बनने का। सरकारी कागजों के गुलाबी मौसम से लेकर जमीन की काली हकीकत की बात भी होगी ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए। साथ ही, बोलते पन्ने जरिए बनेगा .. आपकी उन भावनाओं को आवाज देने का, जो अक्सर डायरी के पन्नों में दबी रह जाती हैं।

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