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चुनावी डायरी

Nitish Kumar बने 10वीं बार ‘बिहार के सीएम’, PM मोदी के सामने 26 मंत्रियों ने भी ली शपथ, देखें पूरी लिस्ट

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10वीं बार सीएम पद की शपथ लेते नीतीश कुमार
10वीं बार सीएम पद की शपथ लेते नीतीश कुमार
  • ऐतिहासिक गांधी मैदान में हुए शपथ आयोजन में 11 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।
  • बीजेपी कोटे से 2 डिप्टी सीएम बनाए गए, सम्राट चौधरी व विजय सिन्हा ने शपथ ली।

 

पटना|

बिहार (Bihar) की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक पल दर्ज हो गया है। पटना (Patna) के गांधी मैदान (Gandhi Maidan) में गुरुवार को एक भव्य समारोह में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने रिकॉर्ड 10वीं बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

राज्यपाल ने उन्हें और उनके मंत्रिमंडल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक मौके के गवाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi), केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और 11 राज्यों के मुख्यमंत्री बने।

2 डिप्टी सीएम और 26 मंत्रियों ने ली शपथ

नीतीश कुमार के साथ बीजेपी (BJP) कोटे से सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) और विजय सिन्हा (Vijay Sinha) ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके अलावा एनडीए (NDA) गठबंधन के 26 अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इनमें पहली बार मंत्री बनने वालीं जमुई की विधायक और प्रसिद्ध शूटर श्रेयसी सिंह (Shreyasi Singh) भी शामिल हैं।

मंत्रियों की पूरी लिस्ट:

  1. सम्राट चौधरी

  2. विजय कुमार सिन्हा

  3. विजय कुमार चौधरी

  4. विजेंद्र प्रसाद यादव

  5. मंगल पांडेय

  6. दिलीप जायसवाल

  7. श्रवण कुमार

  8. अशोक चौधरी

  9. लेसी सिंह

  10. मदन सहनी

  11. नितिन नवीन

  12. रामकृपाल यादव

  13. संतोष कुमार सुमन

  14. मो. जमा खान

  15. संजय सिंह टाइगर

  16. अरुण शंकर प्रसाद

  17. सुरेंद्र मेहता

  18. नारायण प्रसाद

  19. रमा निषाद

  20. सुनील कुमार

  21. श्रेयसी सिंह

  22. डॉ. प्रमोद कुमार

  23. संजय कुमार

  24. संजय कुमार सिंह

  25. दीपक प्रकाश

  26. लखेंद्र कुमार रौशन

पहली बार PM मोदी बने गवाह

बिहार के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री स्वयं उपस्थित रहे। पीएम मोदी के आगमन से समारोह की गरिमा और बढ़ गई।

मंच पर नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी ने एकजुटता दिखाई।

मंच पर नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी ने एकजुटता दिखाई।

उनके अलावा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) भी मौजूद रहे। मंच पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath), असम के हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) समेत कई दिग्गज नेता दिखाई दिए।

गांधी मैदान में उमड़ा जनसैलाब

गांधी मैदान में सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। करीब 2-3 लाख लोग इस शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बने। पूरा मैदान ‘जय बिहार’ और ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) और पवन सिंह (Pawan Singh) जैसे कलाकारों ने समां बांध दिया।

NDA की ‘प्रचंड’ जीत

2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इसमें बीजेपी ने 89 और जेडीयू ने 85 सीटें जीती हैं। शपथ ग्रहण से पहले जेडीयू विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार और बीजेपी की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता चुना गया था।

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चुनावी डायरी

RJD में नए युग की शुरुआत: तेजस्वी यादव बनाए गए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष

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राजद का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के दौरान तेजस्वी यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव। (साभार - X/@RJDforIndia)
राजद का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के दौरान तेजस्वी यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव। (साभार - X/@RJDforIndia)
  • लालू यादव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे, आज जारी कार्यकारिणी बैठक में ऐलान हुआ।
पटना |
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में बड़ा बदलाव हुआ है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने अपने बेटे तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष (National Working President) बना दिया। रविवार को पटना के मौर्य होटल में जारी पार्टी की कार्यकारिणी बैठक में यह घोषणा हुई, जिसका अनुमान पहले से लगाया जा रहा था। राजद की ओर से ट्वीट करके इसकी जानकारी दी गई है, जिसमें पार्टी ने इसे नए युग का शुभारंभ बताया है।

लालू यादव के निर्देश पर आया प्रस्ताव

राजद की नई कार्यकारिणी की पहली राष्ट्रीय बैठक के दौरान रविवार को पार्टी के बिहार अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने इसका ऐलान किया। तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से जुड़ा प्रस्ताव लालू यादव के निर्देश पर राजद नेता भोला यादव ने रखा। इस प्रस्ताव का राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया और इस तरह आधिकारिक तौर पर लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव पार्टी में मुख्य भूमिका में आ गए हैं।

अब पार्टी में क्या होगी तेजस्वी की भूमिका

 तेजस्वी यादव अब पार्टी के दैनिक कार्यों, संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति की कमान संभालेंगे। हालांकि बिहार में राजद के कामकाज को काफी हद तक तेजस्वी यादव ही देख रहे थे पर अब उनकी भूमिका पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर फैसले लेने की होगी। इस घोषणा के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, मीसा भारती समेत पार्टी के सभी बड़े नेता मौजूद रहे। 
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प्रतिक्रियाएं – किसने क्या कहा ?

राजद बोली- एक नए दौर की शुरूआत

 “एक नए युग का शुभारंभ! श्री @yadavtejashwi जी बनाए गए राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष!”

रोहिणी आचार्य बोलीं- कटपुतली बना शहजादा

“सियासत के शिखर – पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप , ठकुरसुहाती करने वालों और ” गिरोह – ए – घुसपैठ ” को उनके हाथों की “कठपुतली बने शहजादा” की ताजपोशी मुबारक ..”

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने दी बधाई

“श्री तेजस्वी यादव जी को राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई!”
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RJD की राष्ट्रीय बैठक से ठीक पहले ‘एक्टिव’ हुए तेजस्वी यादव; कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के संकेत, बहन रोहिणी आचार्य ने फिर खोला मोर्चा

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लालू यादव के परिवार में तेजस्वी को पार्टी की सत्ता दिए जाने का बेटी रोहिणी आचार्य खुलकर विरोध कर रही हैं। (तस्वीर- सांकेतिक)
लालू यादव के परिवार में तेजस्वी को पार्टी की सत्ता दिए जाने का बेटी रोहिणी आचार्य खुलकर विरोध कर रही हैं। (तस्वीर- सांकेतिक)
  • राजद की नई कार्यकारिणी की पहली बैठक आज पटना के मौर्य होटल में हो रही।

नई दिल्ली|

बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद से लंबी चुप्पी साधे राजद नेता तेजस्वी यादव अपने पुराने तेवर में लौटे और राज्य में हो रही अपराध की घटनाओं पर सीधे पीएम मोदी से सवाल किया है। राजद कार्यालय में कर्पूरी ठाकुर की जयंती के मौके पर उन्होंने कहा कि बिहार में देश के गृह मंत्री और प्रधानमंत्री लगातार दौरा कर रहे थे पर नीट छात्रा के साथ हुए अपराध पर उनके एक ट्वीट तक नहीं हुआ। तेजस्वी यादव ने यह भी घोषणा की कि बजट सेशन के बाद वे हर जिले का दौरा करके जनता व पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे।

गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के जरिए राज्य में एक्टिव हैं, और तेजस्वी की चुप्पी के चलते राजद पर सक्रियता से जुड़े सवाल उठने लगे हैं। साथ ही, तेजस्वी ने अपने तीखे तेवर राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के ठीक एक दिन पहले दिया। माना जा रहा है कि इस बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। हालांकि इस सुगबुगाहट के बीच उनकी बड़ी बहन रोहिणी आचार्य ने फिर से ट्वीट करके अपनी नाराजगी जता दी है।

नई कार्यकारिणी 6 माह पहले बनी, अब हो रही पहली बैठक

तेजस्वी यादव लगातार कहते आ रहे हैं कि बिहार के चुनाव में लोक हार गया और तंत्र की जीत हो गई, यही बात उन्होंने 24 जनवरी को भी दोहराई। मगर बात अगर पार्टी के अंदर के लोकतंत्र की करें तो हाल इतना खराब है कि पार्टी की नई कार्यकारिणी छह महीने पहले गठित (5 जुलाई, 2025) हो चुकी है मगर उसकी पहली बैठक अब होने जा रही है। इसको लेकर राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन का तर्क है कि कार्यकारिणी बनने के बाद विधानसभा चुनाव होने के चलते पार्टी की कोई बड़ी बैठक नहीं हो पाई थी इसलिए नए साल में 25 जनवरी को पार्टी की कार्यकारिणी की पहली बैठक होगी।

एजेंडा – चुनावी हार की समीक्षा होगी

पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय बैठक में सभी प्रमुख राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी, साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी की करारी हार के कारणों और आगे की रणनीति पर भी मंथन होगा।

  • राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 85 सदस्य शामिल होंगे।
  • सभी राज्यों के राजद के प्रदेश अध्यक्ष मौजूद रहेंगे
  • सभी विधायक, सांसद, राज्यसभा सांसद एवं विधान पार्षद शामिल होंगे।
  • राजद के विशेष आमंत्रित सदस्य व 200 बड़े नेता शामिल होंगे।

साल 2028 तक राजद के अध्यक्ष रहेंगे लालू यादव

बीते साल 5 जुलाई में राजद के राष्ट्रीय परिषद का खुला अधिवेशन हुआ था, तब मांग उठी थी कि तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया जाए क्योंकि लालू यादव की तबीयत खराब रहने लगी है। हालांकि इन मांगों को दरकिनार करके लालू यादव ने अगले तीन साल (2025-28) के लिए पार्टी के अध्यक्ष पद को अपने पास ही रखा और कार्यकारी अध्यक्ष किसी को नहीं बनाया। हालांकि तब उन्होंने तेजस्वी यादव के काम की तारीफ करके यह संकेत दे दिए थे कि बिहार विधानसभा चुनाव में टिकट बांटने की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी।

तेजस्वी को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के संकेत

नई कार्यकारिणी की पहली बैठक से ठीक पहले तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के संकेत मिलने लगे हैं। तेजस्वी भी दोबारा एक्टिव हो गए हैं। हालांकि इस मामले में आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा है कि तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर अभी कोई राजनीतिक प्रस्ताव नहीं आया है। रविवार को होने वाली बैठक में कोई इस तरह का प्रस्ताव आएगा तो उसपर विचार किया जा सकता है।

‘परिवार-पार्टी के बीच समन्वय के लिए लालू जरूरी’ – विशेषज्ञ

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि जिस तरह लालू यादव के परिवार में बिखराव है, ऐसे में पार्टी का पूरा नियंत्रण वे तेजस्वी यादव को नहीं देना चाहते। लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप पहले ही पार्टी से निष्कासित हैं और नई राजनीतिक पार्टी बनाकर चुनाव भी लड़ चुके हैं। दूसरी ओर, लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य लगातार तेजस्वी यादव के खिलाफ बयान देती आ रही हैं। ऐसे में लालू यादव का पार्टी की धुरी बने रहना समय की जरूरत है।

इतिहास – लालू को कभी रास नहीं आया कार्यकारी अध्यक्ष

पार्टी के इतिहास की बात करें तो राजद के अस्तित्व में आने के ठीक बाद एक मौका आया जब लालू यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाना पड़ा। 1997 में बिहार में लालू यादव के नेतृत्व में जनता दल की सरकार थी। तब चारा घोटाले में लालू का नाम आने के बाद सरकार और संगठन की कमान छोड़ने का दबाव उनपर बना। तब लालू ने जनता दल से अलग होकर ‘राष्ट्रीय जनता दल’ (RJD) बनाया और पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बना दिया। साथ ही, अपने करीबी रंजन यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। पर कुछ ही दिन के बाद रंजन यादव पर राबड़ी देवी को सत्ता से हटाने की रणनीति बनाने के आरोप लगे, इसकी भनक लगते ही लालू ने उनके अधिकार वापस ले लिए।

‘लालूवाद को नष्ट-करने वालो के हाथ में पार्टी की असली कमान’

रविवार को होने जा रही पार्टी की नई कार्यकारिणी की पहली बैठक से ठीक पहले लालू यादव की दूसरे नंबर की बेटी रोहिणी आचार्य ने ट्वीट करके तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों के ऊपर वार किया है। रविवार सुबह आए उनके लंबे ट्वीट में कहा गया है कि पार्टी को ‘तहस-नहस’ करने वालो के हाथ में इसकी असली कमान है और ये लोग पार्टी को नष्ट करने के ‘टास्क’ में काफी हद तक सफल हो चुके हैं। गौरतलब है कि नवंबर में रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया था कि उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें उनके भाई व उनके दो दोस्तों ने मिलकर घर से निकाल दिया था।

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चुनावी डायरी

बिहार : दही-चूड़ा के बहाने फिर बेटे तेज प्रताप से फिर जुड़ रही लालू परिवार के रिश्तों की डोर

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लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप के साथ रिश्ते सुधरने का संकेत।
लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप के साथ रिश्ते सुधरने का संकेत।

नई दिल्ली|

लालू यादव और उनके परिवार की बड़े बेटे तेज प्रताप के साथ टूट गए रिश्तों की डोर दोबारा जुड़ती नजर आई है। मकर संक्रांति के मौके पर तेज प्रताप ने चूड़ा भोज का आयोजन करके परिवार को निमंत्रण भेजा, जिसमें लालू यादव ने शामिल होकर पारिवारिक जुड़ाव का संकेत दिया है।

हालांकि तेजस्वी यादव न्यौते के बाद भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इस बारे में पूछे जाने पर तेज प्रताप ने कोई नाराजगी नहीं दिेखाई, बल्कि यह कहकर बात टाल दी कि ‘तेजस्वी छोटे भाई हैं, देरी से सोकर उठते हैं।’ इस पूरे घटनाक्रम से साफ संकेत मिला है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार के बाद आखिर यह बर्फ पिघल रही है।

गौरतलब है कि लालू यादव ने बड़े बेटे की गैर जिम्मेदाराना गतिविधियों का हवाला देते हुए उन्हें पार्टी और परिवार से अलग कर दिया था।

तेज प्रताप बोले- पिता का आशीर्वाद मिला

दही-चूड़ा कार्यक्रम के दौरान आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक ही सोफे पर बैठे नजर आए। लालू प्रसाद के भोज में आने के बाद तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे पिता का आशीर्वाद मिला है।” साथ ही बोले कि “बिहार के गवर्नर भी आएं थे, उन्होंने भी आशीर्वाद दिया है. बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद लेते हुए कुछ नया काम करना है।”

एक दिन पहले घर जाकर न्यौता दिया था

मां राबड़ी देवी को निमंत्रण देते उनके बेटे तेज प्रताप जो पार्टी और परिवार से अलग हो चुके हैं।

मां राबड़ी देवी को निमंत्रण देते उनके बेटे तेज प्रताप जो पार्टी और परिवार से अलग हो चुके हैं।

13 जनवरी को तेज प्रताप ने अपने एक्स हैंडिल से भाई तेजस्वी यादव और मां राबड़ी देवी को दही-चूड़ा के आयोजन का निमंत्रण देते हुए तस्वीरें साझा की थीं, जिसने लोगों को चौंका दिया। तेजप्रताप अपने भाई तेजस्वी के घर पहुंचे थे, वहां अपनी भतीजी के साथ भी उन्होंने एक फोटो खिंचवाया।

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा भी शामिल हुए

तेज प्रताप के इस कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद शामिल हुए। साथ ही, विपक्षी दल भाजपा के प्रमुख नेता व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने भी शिरकत की। गौरतलब है कि एक दिन पहले डिप्टी सीएम सिन्हा के आवास पर दही-चूड़ा का आयोजन था, जिसमें तेजप्रताप शामिल हुए थे।

लालू के साले बोले- परिवार एक है, कोई दूरी नहीं

लालू यादव के अलावा तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में उनके बड़े मामा प्रभुनाथ यादव भी पहुंचे। उन्होंने कहा, “राज्यपाल और लालू जी ने आशीर्वाद दिए हैं, आज से दिन शुभ होने वाला है, परिवार एक है, कोई दूरी नहीं है।” वह बोले कि हमने अपने भगिना को आशीर्वाद दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी बड़ी बात कही कि तेज प्रताप यादव बहुत आगे जाने वाले हैं। दोनों भाई एक साथ हैं। सारे मामा का आशीर्वाद है।

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